असवा बक्सपुर गोशाला के बाहर खड़े अन्ना मवेशी
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हसवा(फतेहपुर)। अन्ना मवेशियों से आजिज आ चुके ग्रामीणों ने मवेशियों के झुंड को गोशाला लेकर पहुंचे। वहां पर पशु चिकित्सा अधिकारी ने अन्ना मवेशियों को गोशाला में रखने से मना कर दिया, तो ग्रामीणों से झड़प हुई। ग्रामीण गोशाला के पास ही अन्ना मवेशियों के झुंड को छोड़कर चले गए।
हसवा ब्लॉक क्षेत्र की असवा बक्सपुर गोशाला में अभी 97 मवेशी हैं। रविवार को छीतमपुर के ग्रामीण सैकड़ों अन्ना मवेशियों को खदेड़ते हुए गोशाला ले गए। सूचना पर मौके पर पशु चिकित्सा अधिकारी अतुल कुमार और ग्राम विकास अधिकारी विपिन राजबेन पहुंचे। ग्रामीण अन्ना मवेशियों को गोशाला में रखने की जिद पर अड़े रहे, लेकिन पंचायत सचिव व चिकित्सा अधिकारी ने गोशाला में अधिक मवेशी होने की बात कह कर अंदर रखने से मना कर दिया। कुछ ग्रामीण अन्ना मवेशियों को जबरन गोशाला में रखने को लेकर वाद-विवाद पर उतर आए। इस पर अधिकारियों और ग्रामीणों में वाद-विवाद हुआ। पंचायत सचिव विपिन का कहना है कि गोशाला में पहले से ही क्षमता से अधिक गायें हैं। सैकड़ों की संख्या में अन्ना मवेशी कहां आ सकते हैं। अंत में ग्रामीणों ने सारे अन्ना मवेशी असवा बक्सपुर गांव के आसपास छोड़ दिया। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। इसके बावजूद वह मवेशी छोड़कर चले गए।
बीडीओ प्रवीण आनंद का कहना है कि अन्ना मवेशियों को देखते हुए तीन अन्य गोशालाओं का निर्माण होना है। जिसमें रामपुर थरियांव, फरीदपुर व एक अन्य गांव है। गोशाला बनने के बाद क्षेत्र की समस्या हल हो जाएगी। फिलहाल अन्ना मवेशी असवा बक्सपुर में संचालित गोशाला में रखे जाएंगे।