चौड़ीकरण के एक साल के अंदर ही विजयीपुर-धाता की मुख्य सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। गड्ढे राहगीरों और ग्रामीणों के लिए मुसीबत बने हैं। कोई न कोई साइकिल और बाइक सवारगिरकर घायल हो जाते हैं और कुछ तो अपनी जान भी गवां देेेेेेेेते हैं। शिकायत के बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं की जा रही है।
25 किलोमीटर लंबी इस सड़क का चौड़ीकरण एक साल पहले ही हुआ है, जिसमें कई करोड़ रुपये खर्च हुए थे लेकिन छह माह पहले मौरंग लदे ओवरलोड वाहनों के आवागमन से सड़क की हालत खस्ता हो गई, जो दिन प्रति दिन खराब होती गई। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानक के अनुसार निर्माण सामग्री का उपयोग नहीं हुआ है और न ही मौरंग के ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाई गई थी, जिससे एक वर्ष में ही सड़क ध्वस्त हो गई है। साइकिल और बाइक सवार गड्ढों में गिरकर घायल हो जाते हैं। इनमें एक दो की मौत हो जाती है। चार पहिया वाहन भी इन गड्ढों से बचने के प्रयास में पलट जाते हैं, जिससे लोग चुटहिल हो जाते हैं। बता दें कि करीब एक सप्ताह पहले इन्हीं गड्ढों से बचने में दो बाइकें आपस में भिड़ गई थी। जिसमें एक युवक की मौत और दूसरा गंभीर रुप से घायल हो गया था। क्षेत्र के अविनाश सिंह, रविकरन सिंह, तसलीम, हरेकृष्ण तिवारी, मोहम्मद सलीम, रामजीत सिंह और विजयप्रताप सिंह ने बताया कि निर्माण में ठेकेदार ने मनमानी तरीके से सामग्री का प्रयोग किया है।