विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय प्रभारी मंत्री डा. सुरेंद्र जैन ने दिल्ली में भाजपा को मिली करारी शिकस्त के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के उस बयान को जिम्मेदार ठहराया, जिसमें उन्होंने भारत में पिछले कुछ वर्षों में धार्मिक असहिष्णुता बढ़ने की बात कही थी।
जैन सोमवार को आईटीआई मैदान में विहिप के रजत जयंती समारोह के हिंदू सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू धर्म में लोगों की घर वापसी का अभियान जारी रहेगा।
डॉ. सुरेंद्र जैन ने गैर हिंदू धर्माें पर कटाक्ष किया। खासकर ईसाईयत पर उन्होंने जमकर भड़ास निकाली। मिशनरी संस्थानों और धार्मिक स्थलों को बढ़ रहे आतंकवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने देश को ‘अजेय’ बनाने की हुंकार भरी। सच्चे हिंदू की पहचान मंदिर तक न सीमित रहते हुए देश को अजेय बनाने की उजागर करते हुए घर वापसी पर काफी कुछ कहा। अंतर्राष्ट्रीय प्रभारी मंत्री ने कहा कि धर्मांतरण के चलते ही मुस्लिम व ईसाईयों की संख्या बढ़ी है। विहिप का मकसद अब इन्हें फिर से घर वापस लाना है। हिंदुओं की आत्माओं को संतों के चरणों में निवास करने की बात करने वाले हिंदू नेता ने दिल्ली के मार्गों का नामकरण अकबर, हुमायूं, औरंगजेब के नाम से रखने पर सवाल उठा दिए।
हरिद्वार से आए स्वामी विवेकानंद सरस्वती जी महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में कहा कि उन्होंने जो गलती की है, वह नहीं दोहराएंगे। हालांकि यह साफ नहीं किया कि मोदी ने कौन सी गलती की है। आतंक को मच्छर की संज्ञा देते हुए बोले कि ऐसे मच्छरों को मार गिराओ, जिन पर आलआउट असर नहीं करता है, ऐसे मच्छरों को दोनों हाथों से मसल देना चाहिए। वहीं घर वापसी पर विवेकानंद सरस्वती ने कहा कि अब हम घर नहीं बुलाएंगें। जब कहेंगे, तब हम आएंगें तभी हम कदम बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि इस पांच साल के भीतर मंदिर बनाया जाएगा। इस मौके पर सदर विधायक विक्रम सिंह, भाजपा से पूर्व मंत्री राधेश्याम गुप्ता, पूर्व विधायक रक्षपाल, विहिप के प्रांतीय मंत्री वीरेंद्र पांडेय, करन सिंह पटेल, शिव प्रसाद त्रिपाठी, राम प्रताप सिंह गौतम, शिवस्वरूप विश्वकर्मा, मीरा बहन, अपर्णा सिंह गौतम समेत अन्य लोग मौजूद रहे।