खागा। बढ़ते कोरोना संक्रमण से स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की पोल खुल गई है। कोरोना संक्रमित को उचित उपचार और ऑक्सीजन मिलना कठिन हो रहा है। एल-टू हॉस्पिटल में भी सीमित संसाधन हैं। पुरइन गांव स्थित इंजीनियरिग कॉलेज में स्थापित एल-टू हॉस्पिटल में ऑक्सीजन सुविधा वाले 20 बेड हैं। अस्पताल में 12 वेंटिलेटर की सुविधा तो है, लेकिन ऑपरेटर की व्यवस्था न होने के कारण रोगियों को इसकी सुविधा नहीं मिल पा रही है। जरूरतमंद रोगियों को प्रयागराज के लिए रेफर कर दिया जाता है।
जिले में दिन प्रतिदिन कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेज होती जा रही है। क्षेत्र में ही रोजाना आठ से दस संदिग्धों की मौत हो रही है। कोरोना संक्रमित मरीज को ऑक्सीजन की आवश्यकता पडने पर एल-टू हॉस्पिटल में भर्ती किया जाता है। ऑक्सीजन व कोविड प्रोटोकाल में दी जाने वाली दवाएं मरीजों को मिल रही हैं। इससे अधिक की सुविधा मरीजों को मिल पाना मुश्किल बना है। वेंटिलेटर की सुविधा मरीजों को नहीं मिल पा रही है।
बताते हैं वेंटिलेटर चलाने के लिए ऑपरेटर की आवश्यकता पड़ती है। विभाग के पास ऑपरेटर न होने से वेंटिलेटर शो-पीस बने हुए हैं। हालत बिगड़ने पर मरीजों को कानपुर या फिर प्रयागराज रेफर किया जाता है। मौजूदा समय में 20 बेड वाले हॉस्पिटल में 32 मरीज भर्ती हैं। कोविड तथा इससे मिलते-जुलते लक्षण वाले अधिकांश मरीजों को ऑक्सीजन व पर्याप्त दवाएं उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है। चिकित्सा अधीक्षक सीएचसी खागा डा. यूपी कुशवाहा का कहना है कि भर्ती मरीजों को संतुलित भोजन के साथ-साथ पर्याप्त दवाएं दी जा रही हैं। ऑक्सीजन की कमी अस्पताल में नहीं है। क्षमता से अधिक मरीज होने के बावजूद अभी तक कोई समस्या नहीं है। रेमडेसिविर इंजेक्शन भी चिकित्सक की सलाह पर मरीजों को दिया जाता है। साफ-सफाई के लिए एक शिफ्ट में दो कर्मचारी लगाए गए हैं। वेंटिलेटर आपरेटर के लिए उच्चाधिकारी ही सही जानकारी दे सकते हैं।