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रिश्वत मांग रहे कस्बा इंचार्ज हुए निलंबित, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को संज्ञान में लिया

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खागा में ट्रक छोड़ने के नाम पर हथगाम थाने के एक दीवान से रिश्वत मांगने के मामले में सब-इंस्पेक्टर सूरज कनौजिया को पुलिस अधीक्षक ने मंगलवार को निलंबित कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो का एसपी प्रशांत वर्मा ने संज्ञान लिया और सीओ खागा से जांच कराई। जांच में दीवान से रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई।
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बता दें कि सात अगस्त को लखनऊ के ई-581 सेक्टर आई, आशियाना निवासी प्रशांत कुमार (40) पुत्र विनोद जो किशनपुर स्थित बीओबी में बीमा सेक्शन में कार्यरत है। वह बाइक से किशनपुर जा रहे थे। त्रिलोचनपुर गांव के पास एक ट्रक की टक्कर से उनका पैर टूट गया था और उन्हें कानपुर ले जाया गया था।
इस मामले में पुलिस ने ट्रक चालक को गाड़ी सहित पकड़ लिया था। यह ट्रक कौशांबी के रहने वाले किसी व्यक्ति का था। जिनके रिश्तेदार हथगाम थाने में दीवान हैं। आठ अगस्त को दीवान ने कस्बा इंचार्ज खागा सूरज कनौजिया को फोन किया। दीवान, कस्बा इंचार्ज से कहते हैं कि वह गाड़ी में लदे सामान को दूसरी गाड़ी में पलटना चाहते या फिर गाड़ी ही छोड़ दें। जब बैंक कर्मी मुकदमा दर्ज कराने आएगा तो वह गाड़ी कोतवाली में लाकर खड़ी करा देगा।
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दीवान इस बात की गारंटी भी लेता है। इसके बाद कस्बा इंचार्ज की ओर से गाड़ी छोड़ने के नाम पर दीवान से रिश्वत की मांग की जाती है। इसमें पांच हजार रुपये वह इंस्पेक्टर के नाम के बताते हैं और तीन हजार रुपये अपना दाम फिक्स करते हैं। जब दीवान स्टाफ होने की बात कहकर रियायत मांगता है तो 500 रुपये माफ कर साढ़े सात हजार रुपये पर बात तय हो जाती है। यह ऑडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो कोतवाली पुलिस के होश उड़ गए।
प्रभारी निरीक्षक खागा राजेश सिंह ने बताया कि दीवान थाने आए थे और उनकी प्रार्थना पत्र पर गाड़ी छोड़ी गई थी। दीवान से किसी प्रकार का पैसा नहीं लिया गया। उनसे कहा गया था कि अगर घायल व्यक्ति मुकदमा कराता है तो उन्हें गाड़ी लानी पड़ेगी। हालांकि यह बात अभी जांच का विषय बनेगी की गाड़ी छूटी कैसे।
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