नगर पालिका के सफाई कर्मचारी शुक्रवार से हड़ताल पर चले गए हैं। सफाई कर्मचारियों ने आक्रोश जताते हुए कहा शासनादेश के बाद भी पालिका प्रशासन मानदेय बढ़ाने को तैयार नहीं है। गुरुवार को सफाईकर्मियों ने पालिका दफ्तर पर प्रदर्शन कर हड़ताल का ऐलान किया ।
सभासदों ने भी सफाईकर्मियों की मांग को वाजिब बताते हुए प्रदर्शन में उनका साथ दिया। इस दौरान सभासदों और अधिशासी अधिकारी के बीच तकरार हो गई।
हालांकि बाद में समझा-बुझाकर मामले को शांत करा दिया गया।
पालिका बोर्ड की बैठक के बाद से शहरी इलाकों में लगे सफाईकर्मी मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। सफाईकर्मियों का कहना है कि शासनादेश के अनुसार ढाई सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय भुगतान का प्रस्ताव सर्वसम्मति से बोर्ड की बैठक में पास हुआ था, लेकिन इस मुद्दे पर पालिका प्रशासन की ओर से अमल नहीं किया गया।
प्रदर्शन में शामिल सभासद विनय तिवारी, धीरज वाल्मीकि, रज्जू सविता, सादाब अहमद, ऐनुल आबदीन, गोपाल रस्तोगी ने भी सफाईकर्मियों का समर्थन करते हुए बताया कि पालिका प्रशासन विकास से लेकर सभी जरूरी मुद्दों पर चुप्पी साधे है।
बताया कि सभासदों द्वारा लगातार प्रगति रिपोर्ट मांगी जा रही है, लेकिन पालिका द्वारा यह उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। प्रदर्शन के दौरान ही शोरगुल सुनकर कार्यालय में काम निपटा रहीं अधिशासी अधिकारी रश्मि भारती बाहर आईं और समझाने क ा प्रयास किया, लेकिन सफाईकर्मी व सभासद ठोस आश्वासन न मिलने तक प्रदर्शन जारी रखने पर अड़े रहे। अन्य अधिकारियों के दखल पर मामला शांत हो सका।
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‘सफाईकर्मियों की समस्याओं को जोरदारी से उठाया जाएगा। अधिशासी अधिकारी तानाशाही भरा रवैया अपना रही हैं। शासनादेश के बाद भी सफाई कर्मियों का मानदेय नहीं बढ़ाया गया। इसके अलावा बोर्ड बैठक की कार्रवाई पुष्टि भी नहीं दी गई। यदि जल्द ही मांगे पूरी नहीं हुई तो सभी सभासद पालिका में धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इसके अलावा तहसील दिवस में भी ज्ञापन दिया जाएगा।’ - विनय तिवारी, अध्यक्ष नगरीय विकास समिति।
‘सेवा प्रदाता द्वारा जो सफाईकर्मचारी काम कर रहे हैं उनका मानदेय बढ़ाने के लिए सेवाप्रदाता के मैनेजर से बात की जाएगी। धरना प्रदर्शन और नारेबाजी करने से मानदेय नहीं बढ़ेगा। जो कर्मचारी धरना प्रदर्शन करेंगे उन्हें हटा दिया जाएगा। बेहतर होगा कि काम करें राजनीति में न पड़ें।’ - रश्मि भारती, अधिशासी अधिकारी