पक्का तालाब की बंद अरबन पीएचसी
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शहरियों की सेहत की हिफाजत के लिए खुले तीन अरबन पीएचसी की सेवाएं बेमानी हैं। पिछले साल वजूद में आए पक्का तालाब, विनोबानगर व राधानगर में खुले यह अस्पताल एक तरह से कागज में संचालित हो रहे हैं। स्टाफ के नाम पर किसी भी अस्पताल में पार्टटाइम डॉक्टर की तैनाती नहीं है। फुलटाइम डॉक्टरों के भी हाल किसी से छिपे नहीं हैं। पक्का तालाब अस्पताल मेें तो फुलटाइम डॉक्टर भी नहीं है। ऐसे में यह अस्पताल महज शोपीस बन कर रह गए हैं।
वैसे तो एक लाख 90 हजार की आबादी के लिए जिला मुख्यालय में सदर अस्पताल, महिला अस्पताल, नेत्र अस्पताल, क्षय अस्पताल समेत आयुर्वेद, यूनानी व होम्योपैथिक अस्पताल संचालित हो रहे हैं। शहर के किनारे पर बसे इलाकों के जरूरतमंदों को समय रहते इन अस्पतालों का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जिसके चलते नार्थ सिटी के पक्का तालाब और साउथ सिटी के विनोबा नगर व राधा नगर में अरबन पीएचसी वजूद में लाए गए हैं। प्रत्येक अस्पताल में एक फुल टाइम डॉक्टर, एक पार्टटाइम डॉक्टर, एक स्टाफ नर्स, एक लैब टेक्नीशियन, दो स्टाफ नर्स व पांच एएनएम का स्टाफ निर्धारित किया गया है।
तैनाती की बात करें तो किसी भी अस्पताल में पार्टटाइम डॉक्टर की नियुक्ति नहीं है। पक्का तालाब में तैनात रहे एमबीबीएस डॉक्टर भी तीन महीने पहले यहां से चले गए। ऐसे में यह अस्पताल जैसे-तैसे चल रहा है। डॉक्टर न होने से ऐसे में मरीजों ने भी आना छोड़ दिया है।
सीएमओ विनय पांडेय कहते हैं कि तीन अरबन पीएचसी खुलने से जनता को राहत मिली है। फुलटाइम डॉक्टर पक्का तालाब में नहीं हैं। वहां की व्यवस्था की जा रही है। पार्टटाइम डॉक्टरों की तैनाती पर भी काम चल रहा है। तैनात स्टाफ को जवाबदेह बनाने को बीच-बीच में निरीक्षण किया जाता है।