उर्स के दौरान बैठे आस्ताना के आयोजक। संवाद
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फतेहपुर। बाबा निजामी रहमतुल्लाह अलैह के 41वें सालाना उर्स व मेले में हिन्दू-मुस्लिम भाईचारा की मिसाल देखने को मिली। बाबा के अस्थाने में गुलपोशी कर मुरादें मांगी। वहीं कव्वालों ने पूरी रात समां बांधे रखा। महिलाओं व बच्चो ने मेले में जमकर खरीददारी की।
खागा के पक्का तालाब स्थित निजामी नगर आसताना आलिया में बाबा निजामी रहमतउल्लाह अलैह का तीन दिवसीय सालाना उर्स व मेले का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि खानकाह एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहम्मद शब्बीर वारसी ने शिरकत की। जायरीनों ने अकीदत के साथ बाबा के आसताने में गुलपोशी कर मुरादें मांगीं। साथ ही आसताने की तरफ से उर्स में आने वाले जायरीनों के लिए लंगर आयोजित किया गया। बड़े ही एतराम के साथ लोगों ने बैठकर लंगर खाया। उर्स में हिन्दू-मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शामिल होकर भाईचारे की मिसाल कायम की। रात को कव्वाली में चांद अनवर कानपुरी ने टीम के साथ कलाम पेश किए। जिसे सुनकर उपस्थित लोगों ने खूब वाहवाही की।
आयोजक मोहम्मद शमीम चिश्ती निजामी नूरी ने बताया कि वह हर साल उर्स का आयोजन किया जाता है। इस मौके पर नूरी हसन सिद्दीकी, मोहम्मद इमरान, मोहम्मद रिजवान, रामसिंह, मुन्ना, मोहम्मद हाकिम, हाजी मोहम्मद सलीम मौजूद रहे।