फतेहपुर। जिले में लाख कोशिशों के बाद भी धान खरीद व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है। धान मिलों को भेजने के लिए ऑनलाइन चालान नहीं कट पा रहा है। ऐसे मेें पीसीएफ के 24 क्रय केंद्रों पर धान खरीद ठप है। वहीं, धान उठान न होने से भंडारण के लिए जगह नहीं बची है। अन्य किसानों के धान की तौल भी थमी हुई है। यही नहीं बोरों की कमी भी केंद्रों पर बनी हुई है।
जिले में इस बार 66 क्रय केंद्रों पर एक लाख 58 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है। इसकी तुलना में करीब सवा माह में 21 हजार मीट्रिक टन धान ही खरीदा जा सका है। 31 हजार से ज्यादा किसानों ने धान खरीदने के लिए पंजीकरण कराया है, लेकिन महज 21 हजार किसानों का सत्यापन हो सका है।
बचे किसानों का सत्यापन करने में हीलाहवाली हो रही है। शासन का आदेश है कि केंद्रों पर खरीदे गए धान को मिलों मेें भेजने से पहले ऑनलाइन चालान कटाया जाए। ऑनलाइन वाले पोर्टल में तकनीकी समस्या रहती है। ऐेसे में चालान कट नहीं पा रहा है। इस वजह से धान की उठान प्रभावित हो रही है।
पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर 13 हजार मीट्रिक टन धान डंप है। अन्य एजेंसियों के क्रय केंद्रों पर तीन हजार मीट्रिक टन धान डंप है। इन केंद्रों पर धान खरीद ठप तो नहीं है, लेकिन प्रभावित हो गई है। इक्का-दुक्का किसानों का ही धान खरीदा जा रहा है। खुले आसमान के नीचे धान रखा गया है।
इसलिए आ रही समस्या
विभागीय अफसर बताते हैं कि इस वर्ष खरीद नियमावली के अनुसार क्रय केंद्र से धान लेने से पहले मिलर को 290 क्विंटल चावल की एक एडवांस लॉट डिपो को भेजना है। चावल का चालान डिपो में स्वीकृत होने के बाद धान प्रेषण का चालान बनेगा। बताते हैं कि डिपो में चावल का चालान स्वीकृति होने में चार से पांच दिन लग रहे हैं। इससे मिल की क्षमता पोर्टल पर नहीं दिख रही है और धान प्रेषण की समस्या बन गई है।
आंकड़ों पर एक नजर
धान खरीद का लक्ष्य - एक लाख 58 मीट्रिक टन
अब तक खरीदा गया धान - 21 हजार मीट्रिक टन
कॉमन धान का रेट - 2040 रुपये प्रति क्विंटल
ग्रेड एक धान का रेट - 2060 रुपये प्रति क्विंटल
धान खरीद व्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही है। ऑनलाइन चालान की वजह से कुछ दिक्कत आ रही है, लेकिन धान खरीद केंद्रों पर चल रही है। बोरे की कोई कमी नहीं है। अब तक 21 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। सरकारी क्रय केंद्रों पर तौल किए गए धान को उठाने के लिए राइस मिलों को अटैच किया गया है।
- संजय कुमार श्रीवास्तव, डिप्टी आरएमओ
..................
कोट:
शासन की तरफ से अचानक ऑनलाइन चालान कराने का आदेेश आया है। विभागीय पोर्टल में तकनीकी खामी के चलते ऑनलाइन चालान कटने में चार सेे पांच दिन का समय लग रहा है। इस वजह से धान का उठान प्रभावित हो रहा है। पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर करीब 13 हजार मीट्रिक टन धान डंप है, जिसका जल्द उठान कराया जाएगा।
- रोहित गुप्ता, जिला प्रबंधक, पीसीएफ