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मौसम का यू टर्न, शहर से गांव तक भारी पड़ा

Tue, 03 Mar 2015 12:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
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मौसम का यू टर्न लेना लोगों पर भारी पड़ रहा है। लगातार बारिश से शहर से गांव तक लोगों का बुरा हाल है। शहरों में जहां दर्जनों मोहल्लों में बिजली आपूर्ति ठप है, जलभराव से सड़कें लबालब हैं, उफनाए नाले, नालियों का पानी घरों में घुस रहा है, वहीं गांवों में किसान अपनी बर्बादी पर रो रहा है।
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गेहूं, आलू, चना और अरहर समेत खेत में खड़ी सभी फसलें तबाही की कगार पर पहुंच गई हैं। किसानों को साहूकार व बैंक का कर्ज को चुकाना तो दूर परिवार चलाने की चिंता सताने लगी है।

होली के ऐन वक्त मौसम के मिजाज में आई तब्दीली व्यापारी वर्ग पर भी भारी पड़ रही है। चौबीस घंटे बारिश के कारण लोगों खरीदारी करने के बजाय घरों में रहकर अपने को महफूज रखे हैं।
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उधर, सोमवार की शाम पूरब दिशा में रिमझिम बारिश के बीच इंद्रधनुष के मनोरम नजारे को देखने के लिए लोग छतों पर टकटकी लगाए रहे। कृषि वैज्ञानिक घाघ की मानें, तो सांझे धनुष सबेरे पानी। ऐसी हालत में मंगलवार की सुबह फिर बरसात हो सकती है।

बेमौसम बारिश से जनपद में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। इससे हाईटेंशन लाइनें ब्रेकडाउन हो गई हैं, जिससे बारिश खत्म होेने के बाद कई उपकेंद्रों की आपूर्ति बाधित है।

बिजली कर्मचारियों के लगातार प्रयास के बाद भी फाल्ट में सुधार नहीं हो पाया। इससे कई कस्बों व ग्रामीण क्षेत्र में 24 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित है।

बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से जनपद की हाईटेंशन लाइनों की हालत दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है।

अधिकतर लाइनों में जर्जर तारों का अंबार लगा हुआ है। क्षेत्र के असोथर उपकेंद्र से पांच फीडर चलते हैं, जिसमें जरौली, गाजीपुर, थरियांव, नरैनी और असोथर फीडरों से सैकड़ों गांव में बिजली आपूर्ति दी जाती है।

सातो के किसान ओमप्रकाश और सुमेर सिंह ने बताया कि लाइन में जर्जन तार लगी हुई हैं। कुछ देर के आंधी पानी  में फीडर ब्रेकडाउन हो जाता हैं।

यही वजह है कि गांव में दो दिनों से बिजली नहीं आ रही है। कस्बा के सगीर अहमद, रामबाबू, सुशील ने बताया कि असोथर फीडर से ही कस्बा की आपूर्ति दी जाती है, जिससे गांव में फाल्ट होने पर कस्बा की आपूर्ति बाधित हो जाती है। कस्बा फीडर अलग करने के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन दिया गया है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

‘उपकेंद्र में तैनात जेई कर्मचारियों से लाइनों की पेट्रोलिंग कराकर फाल्ट सही करा रहे हैं। जल्द ही ब्रेक डाउन पड़े फीडरों की आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।’- एके माथुर, अधिशाषी अभियंता, विद्युत वितरण खंड, प्रथम


नालियां चोक, कीचड़ से बजबजा रहे नाला
फतेहपुर। रविवार की सुबह से पूरे दिन हुई बारिश नेे शहर की गलियों से लेकर सड़क तक को भर दिया, जिसमें शादीपुर रेलवे क्रासिंग, मुराइन टोला, देवीगंज की गंगानगर कालोनी की सड़क में अभी भी पानी भरा हुआ है। मुहल्लेवासियों को कीचड़युक्त पानी से घुसकर आना जाना पड़ा रहा है।

गंगानगर कालोनी के प्रेमसिंह यादव, पिंटू और विकास ने बताया कि नालियों की सफाई करने के लिए सफाई कर्मी हफ्ते दस दिन में आता है, जिससे पानी का निकास पूरी तरह से प्रभावित रहता है। रविवार को हुई जोरदार बरसात से सड़क से पानी घरों में भर गया था। बरसात के 24 घंटे बीतने के बाद अभी भी सड़क मेें पानी भरा हुआ है।

‘सांझे धनुष सबेरे पानी’
आसमान पर दिखा इंद्रधनुष, घर की छतों से देखा मनोरम दृश्य
फतेहपुर। चौबीस घंटे खराब मौसम के बाद सोमवार की शाम हुई रिमझिम बारिश के बाग आसमान में चटख इंद्रधनुष निकल आया। पूरब की ओर निकले तिरंगा धनुष देखने के लिए लोग घरों की छतों पर चढ़ गए और मनोरम दृश्य देखने के लिए लोगों में खासा उत्साह रहा। उधर कृषि वैज्ञानिक घाघ की मानें, तो सांझे धनुष सबेरे पानी। ऐसी हालत में मंगलवार की सुबह फिर बरसात हो सकती है।
वैसे से बरसात के मौसम में सावन मास में इंद्रधनुष खिलता ज्यादा दिखाई पड़ता है। इसके अलावा अन्य बरसात के मौसम के अन्य महीनों में कभी कभार यह मनोरम दृश्य भी दिखता है, लेेकिन सोमवार की शाम पूरब दिशा में चटख तिरंगा इंद्र धनुष लोगों के कौतूहल बना रहा। महिला, पुरुष और बच्चे घरों की छतों पर चढ़कर मनोरम छटा तबतक निहारते रहे, जबतक यह आखों से ओझल नहीं हो गया।



कर्ज तो दूर किसानों को परिवार पालने की सता रही चिंता
गेहूं, आलू, चना, अरहर की फसलें तबाही की कगार पर
थरियांव(फतेहपुर)। कुदरत की मार से किसान किस्मत पर रो रहा है। रविवार को हुई तेज बारिश से चारों तरफ तबाही और बर्बादी का आलम नजर आ रहा है, जिससे गेहूं, आलू, चना और अरहर समेत खेत में खड़ी सभी फसलें तबाही की कगार पर पहुंच गई हैं। इससे किसानों को साहूकार व बैंक का कर्ज को चुकाना तो दूर परिवार चलाने की चिंता सताने लगी है। किसान शत्रुघ्न सिंह यादव ने बताया कि आलू की खुदाई शुरू है, रविवार को हुई जोरदार बारिश से खुदे आलू की ढुलाई नहीं हो पाई है। करीब पांच सौ बोरी आलू का ढेर खेत में ही लगा है। खेत में पानी भर जाने से एक हफ्ते तक ढुलाई नहीं की जा सकती है। किसान रामभवन लोधी ने बताया कि गेहूं की फसल में दाना पड़ने का समय था। बारिश और हवा से फसल एकदम गिर गई है, जिससे पैदावार में 50 फीसदी से अधिक नुकसान आ जाएगा। किसान कल्लू सिंह ने बताया कि चना की फसल पिछले वर्ष भी पूरी तरह से खराब हो गई थी। इस बार भी लगातार बारिश से खेत में डाला गया बीज भी निकालना मुश्किल लग रहा है।
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