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Fatehpur News: रिंद के उस पार जाने के लिए दो महिलाएं बना रहीं हौसले का पुल

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बकेवर (फतेहपुर)। ब्लॉक देवमई के गांव कृपालपुर की दो जुझारू महिला कलावती और सीमा देवी ने 30 साल की समस्या को दूर करने के लिए रिंद नदी में लकड़ी का पुल बनाने का हौसला दिखाया है। वे पुल निर्माण में अब तक 80 हजार रुपये खर्च कर चुकी हैं। उनके प्रयास से भैरमपुर की ओर लकड़ी और पोल के सहारे पुल खड़ा कर दिया गया है। उनके जज्बे और हौसले को देखते हुए ग्रामीण भी मदद को आगे आए हैं और पुल निर्माण में तन, मन और धन से अपना सहयोग करने का दम भरा है। महिलाओं के जज्बे की हर ओर चर्चा है।
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कृपालपुर समेत कई गांवों के बच्चों की शिक्षा, मरीजों का इलाज व रोजमर्रा की जरूरतों के लिए रिंद नदी पार करना हर रोज की चुनौती बन चुकी है। बारिश के दिनों में यह मुसीबत और बढ़ जाती है। कक्षा 10 की छात्रा ज्योति बताती है कि कृपालपुर समेत आसपास के करीब 300 बच्चे रोज उफनाती रिंद नदी को नाव के सहारे पार करके स्कूल जाते हैं। कई बार हादसे भी हो चुके हैं। एक स्थायी पुल की मांग सालों से की जा रही है, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला है। स्थानीय निवासी अमित कुमार ने बताया कि गांव का कुछ हिस्सा नदी के उस पार भी है। इससे बचनीपुर, बसफरा, पनेरूआ, खजुरिहा, नरैनी, सहिमलपुर, देऊरी बुजुर्ग, पाडेपुर, परसादपुर, टरुआपुर, कपरिया ऊसर, गोपालपुर, नहरामऊ, मोहीपुर, भैरमपुर, जमाहिरपुर, बिंधा, बिजुरी जैसे दर्जनों गांवों के लोगों को हर रोज नदी को आरपार करना पड़ता है। बारिश के दौरान नदी के उफान में आने से समस्या विकराल रूप ले लेती है। गांव के महेंद्र निषाद बताते हैं कि पिछले 30 वर्षों से लगातार सांसदों व विधायकों से पुल निर्माण की मांग की जा रही है। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, महेंद्र निषाद और पूर्व सांसदों से भी कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक सिर्फ वादे ही मिले। इस समस्या को गांव की कलावती व सीमा देवी दो महिलाओं ने नजरअंदाज करने के बजाए पार लगाने का बीड़ा उठाया। दोनों ने मिलकर 80 हजार रुपये पुल निर्माण में लगा दिए और भैरमपुर की ओर एक हिस्सा बनकर तैयार कराया। ये देखकर गांव के ग्रामीणों ने महिलाओं के साहस को सराहते हुए मंगलवार को बैठक की। इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी ग्रामीण अपने सामर्थ्य अनुसार धन देंगे और पुल का निर्माण पूरा कराएंगे। पुल बनने पर हजारों लोग पैदल और मोटर साइकिल से बिना जोखिम के आवागमन कर सकेंगे।
जनप्रतिनिधियों की जुबानी
- जहानाबाद विधायक राजेंद्र सिंह पटेल ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री व पीडब्ल्यूडी विभाग को कई बार पत्र लिखकर पुल निर्माण की आवश्यकता से अवगत कराया है। वह डीएम से संपर्क कर इस अस्थायी पुल निर्माण में कुछ मदद सुनिश्चित कराने की कोशिश कर रहे हैं।
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- सांसद नरेश सिंह उत्तम ने बताया कि इस मामले को लिखित और मौखिक रूप से संसद में उठाया जाएगा। पहले जैसी मनमानी नहीं चलेगी। जनता के कार्य को किया जाएगा। पुल बनकर रहेगा।
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