जिले में चार नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दो ने सेवाएं देना शुरू कर दिया है, जबकि अन्य दो केंद्रों में जल्द सेवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। ग्रामीण क्षेत्र में चालू होने वाले 30 बेडों वाले अस्पताल क्षेत्रीय लोगों के लिए वरदान साबित होंगे। अभी तक ऐसे रोगियों को जिला अस्पताल जाना पड़ता है।
जिले के जहानाबाद, बिंदकी, हुसैनगंज, हथगाम, खागा, खखरेरू में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन जिले के क्षेत्रफल और आबादी के हिसाब से ग्रामीण क्षेत्र के लिए यह अस्पताल ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले में वर्ष 2010-17 में अमौली, गाजीपुर, असोथर, धाता में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृ त किए थे। इनमें सबसे पहले गाजीपुर बनकर तैयार हुआ और यह स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करा रहा है। चालू महीने के पहले सप्ताह से अमौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने सेवाएं देना चालू कर दिया है। असोथर सीएचसी का भवन बनकर तैयार हो चुका है। सिर्फ पंखे आदि लगाने का काम चल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग हर हालत में 30 अप्रैल तक इस अस्पताल के संचालित करने की तैयारी में है। धाता सीएचसी बजट की कमी के कारण 90 फीसदी ही बन पाई है।
वित्तीय वर्ष के अंत में रिवाइज बजट आवंटित किया गया है। कार्यदाई संस्था तेजी के साथ निर्माण पूरा करने में जुटी है। इसे मई के अंत तक शुरू करने की योजना है। इन दोनों अस्पतालों का फर्नीचर और संशाधन सीएमएसडी स्टोर आ चुके हैं। भवन हस्तांतरित होते संशाधनों भेद दिए जाएंगे। मुख्य चिकित्साधिकारी वीके मिश्रा ने बताया कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चालू होने से ग्रामीणों को नजदीकी चिकित्सीय सुविधाएं मुहैया होने लगेंगी। असोथर चालू महीने के अंत तक चालू हो जाएगी और धाता चालू होने में एक से डेढ़ महीने का समय लग सकता है।