फतेहपुर। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की अनदेखी से तिरहार की करीब ढाई हजार बीघा फसल सूखने की कगार पर है। नहर के नवीनीकरण में कार्यदायी संस्था ने सुजानपुर गांव के पास का कुलाबा हटा दिया है। इससे फसलों की सिंचाई का पानी मिलना बंद हो गया है।
निचली गंगा नहर में सुजानपुर गांव के पास छह इंच का कुलाबा लगा हुआ था। इससे असोथर, मनांवा, विधातीपुर, कौंडर, बौंडर, सुजानपुर गांव के किसान फसलों की सिंचाई करते थे। कुलाबा पिछले 30 साल से लगा था। नहर के नवीनीकरण के समय पटरी का चौड़ीकरण करा दिया गया है, तो उसमें कुलाबा का पाइप छोटा हो गया।
इससे अब वहां पानी नहीं निकल पा रहा है। पिछले दिनों में हुई बारिश से अब तक गेहूं की फसल में हरियाली रही है, लेकिन अब सूखने लगी हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारी कुलाबा में पानी की निकासी बहाल करने में अनदेखी किए हैं। किसान रामसजीवन, चंद्रभान, सुरेश, अवधेश, नरेश, रामप्रताप, सुरेंद्र, अनूप, चंदन सिंह, कुलदीप भदौरिया ने बताया कि 30 साल से लगे कुलाबा को अब सिंचाई विभाग के अधिकारी अवैध कह रहे हैं।
इसी से कुछ दूरी पर लगे अवैध कुलाबों को हटाने में अनदेखी किए हैं। दूसरा सिंचाई का साधन भी नहीं है। अधिशासी अभियंता जेपी वर्मा ने बताया कि कुलाबा लगाने के लिए अधीक्षण अभियंता कानपुर को पत्र भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद कुलाबा लगा दिया जाएगा।