बौंडर गांव की शोपीस बनी पानी टंकी
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ग्रामीण पेयजल योजना लोगों के लिए छलावा साबित हो रही है। कस्बा व गांव में बनी पानी की टंकियां ठूंठ बनी हुई हैं। जल निगम ने अभी तक खराब पड़े नलकूपों को दुरुस्त कराने की सुधि नहीं ली है। ऐसे में ग्रामीणों को एक बार फिर गर्मी में पानी की किल्लत से जूझना पड़ सकता है। लोगों को हैंडपंप से ही पानी भर कर प्यास बुझानी पड़ेगी। कहीं मोटर फुंकी पड़ी है तो कहीं पाइप खराब होने से दिक्कत आ रही है।
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हथगाम विकास खंड के संवत गांव में 20 साल पहले पानी टंकी बनी थी। तीन साल तक लगातार जलापूर्ति हुई। इसके बाद पाइप लाइन खराब हो जाने से पानी की सप्लाई बंद हो गई। अब जलापूर्ति पूरी तरह से बंद है। विभाग ने यहां पर आपरेटर भी तैनात कर रखा है। ग्रामीण सुनील कुमार तिवारी का कहना है कि पाइप लाइन दुरुस्त कराने के लिए कई बार जल निगम को ज्ञापन दिया गया है। अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
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हंसवा विकास खंड के मुरांव के मजरा धनाजी पुरवा में 20 साल पहले जल निगम ने ओवर हेड टैंक व नलकूप का निर्माण कराया था। इससे मुरांव, धनाजी का पुरवा और घूरी गांव में जलापूर्ति होती थी। करीब छह साल बाद नलकूप की मोटर खराब हो गई। विभाग ने अभी तक सही नहीं कराया है। अब तो नलकूप में बिजली भी नहीं आती है। धनाजीपुरवा के वीरेंद्र और महेश प्रसाद का कहना है कि गांव की पानी टंकी शोपीस बनी हुई है। लोगों को हैंडपंप से पानी भर लाना पड़ता है।
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असोथर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के बौंडर गांव में वर्ष 2010-11 में ग्रामीण पेयजल योजना के तहत पानी टंकी का निर्माण हुआ था। दो साल पहले नलकूप की मोटर फुंक गई है। इससे गांव की जलापूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। गर्मी के समय गांव में पानी की किल्लत बढ़ जाती है। ग्रामीण नीरज कुमार ने बताया कि मवेशियों को हैंडपंप से पानी पिलाने में परेशानी होती है।
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जल निगम के अधिशासी अभियंता पीके यादव का कहना है कि पानी टंकी के नलकूप और पाइप लाइनों के मरम्मत कराने का काम शुरू कर दिया गया है। गर्मी में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में पानी की समस्या नहीं होगी। बौंडर गांव की पानी टंकी ग्राम पंचायत विभाग के सुपुर्द है। वहीं से नलकूप के मोटर की मरम्मत होगी।