क्षयरोग से संबंधित कायर्शाला में उपस्थित लोग
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क्षयरोग की भयावहता को नजरदांज नहीं किया जा सकता है। यह काम सहयोग से ही संभव है। ग्राम स्तर पर इस क्षेत्र की सेवा प्रदाताओं की जिम्मेदारी निभाने वाली आशा बहुओं व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को पहले श्रेणी को चिह्नित कर उन्हें चंगा करने पर सहयोग देने पर एक हजार रुपये और दूसरे श्रेणी के लिए यह धनराशि डेढ़ हजार रुपये मिलेगा।
विश्व क्षयरोग सप्ताह के अंतर्गत हंसवा पीएचसी में मंगलवार को आयोजित जागरुकता कार्यशाला में यह बात सामने रखी गई। हंसवा पीएचसी के स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी राधेश्याम ने कहा कि आशा बहुओं पर इस कार्य की बड़ी जिम्मेदारी है। पहले श्रेणी के रोगियों से कहीं ज्यादा टिपिकल दूसरे श्रेणी के रोगी हैं।
लिहाजा इन पर खास ध्यान देना होगा। नेहरू युवा संगठन टीसी के प्रमुख राजेंद्र साहू ने ग्रामीण स्तर की इन सेवा प्रदत्ताओं को क्षयरोगियाें के प्रति बेहतर व्यवहार व गुणवत्तापरक सेवा की अपील की। कार्यशाला में ही नुक्कड़ नाटक के जरिए क्षयरोग के प्रति जागरूकता देने के साथ रोग को अभिशाप के रूप में प्रस्तुत किया गया।
इस दौरान पीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. एके श्रीवास्तव, चंद्रभान सिंह त्यागी, जिला समंवयक शशांक श्रीवास्तव, सुरेंद्र प्रसाद, महेंद्र बाबू, सोशल सिंह, अल्का, सुजाता, शीला समेत आशा बहू व आंगनबाड़ी कार्यकत्री मौजूद रहीं।