फतेहपुर। धाता थाना क्षेत्र के नलकूप ऑपरेटर हत्याकांड का तीन माह बाद पुलिस ने खुलासा कर दिया। चार साथियों ने रुपये लूटने के चक्कर में हत्या करने की बात स्वीकारी है। एक आरोपी ने लूट की रकम से 28 हजार रुपये की धान मशीन, 41 सौ रुपये का नया मोबाइल समेत कुछ अन्य सामान खरीदा तो पुलिस को शक हो गया। पुलिस ने जांच के लिए उसे पकड़ा तो वह टूट गया और मामला खुल गया। पुलिस ने तीन आरोपियों को जेल भेजा है। एक अभी फरार है।
धाता थाना क्षेत्र के खरसेड़वा गांव निवासी जवाहर लाल सिंह किशनपुर में नलकूप ऑपरेटर थे। 22 सितंबर की रात उनकी घर में गला रेतकर हत्या कर दी गई। हत्याकांड में पुलिस पहले आशनाई और लेनदेन के विवाद की जांच में जुटी थी। एसपी ने हत्याकांड की जांच में अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने स्वॉट टीम और थाने की टीम को लगाया। नए सिरे से प्रकरण की जांच के आदेश दिए।
पुलिस लाइन में मंगलवार को एएसपी राजेश कुमार ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने धाता के अहमदपुर कुसुंभा निवासी बलिकरन सिंह, भुरचुनी गांव के नरेंद्र रैदास, विनोद रैदास को सोमवार रात गिरफ्तार किया। यह लोग अहमदपुर कुसुंभा मोड़ पर बलिकरन सिंह की बाग में थे। धाता के रसूलपुर गांव का बछराज पासवान फरार है। नलकूप ऑपरेटर खाने पीने का शौकीन था। वह बोलेरो खरीदने के लिए पांच-छह लाख रुपये रखे था। इसकी भनक बलिकरन सिंह को लगी थी। बलिकरन सिंह ने बछराज, नरेंद्र, वीरेंद्र के साथ मिलकर रुपये लूटने की योजना बनाई। नलकूप ऑपरेटर घटना की शाम गांव लौट रहा था। भुरचुनी गांव में नरेंद्र रैदास के पास रुका और गांव में नरेंद्र व वीरेंद्र के साथ शराब पी। वह ऑपरेटर को छोड़ने के बाद दूसरी बाइक से एक क्वार्टर शराब और मछली लेकर गए थे। शाम सात बजे पड़ोसियों ने नरेंद्र की बाइक ऑपरेटर के घर के बाहर खड़ी देखी थी। कुछ देर बाद दोनों लौट गए थे। चारों लोग योजना के तहत रात 12 बजे ऑपरेटर के घर पहुंचे। वह छत पर बने कमरे में सो रहा था। खटपट होने पर ऑपरेटर की नींद खुली। बलिकरन सीने पर चढ़कर बैठ गया। नरेंद्र ने हाथ और वीरेंद्र ने पैर पकड़ लिया। कमरे में रखी लकड़ी काटने वाली आरी से बछराज ने गला काटकर ऑपरेटर की हत्या कर दी। रुपयों भरा काला बैग लेकर बछराज मौके से भाग निकला। उन लोगों ने दूसरे दिन रुपये का बंटवारा किया। पकड़े गए आरोपियों ने कबूला कि बछराज ने पचास-पचास हजार रुपये उन लोगों को दिए थे। बाकी रकम लेकर भाग निकला था। पुलिस आरोपी बछराज की तलाश में जुटी है।
ऑपरेटर के भाई दीनदयाल सिंह ने बताया कि बोलेरो खरीदने के लिए पांच से छह लाख रुपये बैग में थे। एएसपी ने बताया कि मामले के खुलासे में शामिल टीम के स्वॉट प्रभारी वीरेंद्र यादव, एसओ अर्जुन सिंह, एसआई सत्यप्रकाश सिंह, कांस्टेबल पंकज सिंह, विपिन मिश्रा, अतुल त्रिपाठी, इंद्रजीत यादव, अजय पटेल को खुलासे के लिए 25 हजार का पुरस्कार दिया गया है।
लूट की ओर पुलिस ने नहीं की थी जांच
घटनास्थल पर सारा सामान व्यवस्थित तरीके से रहा है। इसी वजह से लूटपाट की ओर पुलिस का ध्यान नहीं गया था। उसी बैग में रखी हिसाब की डायरी गायब थी। इस वजह से पुलिस को लेनदेन का विवाद समझ आ रहा था। पुलिस को लग रहा था लेनदेन के विवाद में हत्या करने के बाद आरोपी हिसाब की डायरी लेकर भाग निकले हैं। ऑपरेटर इलाके के काफी लोगों को रकम बांटे हुए था। वह शराब का शौकीन था। कुछ आपत्तिजनक दवाएं भी मिली थी। जिससे पुलिस को दूसरे बिंदु आशनाई पर भी एकबारगी शक हुआ था। एक चप्पल को लेकर भी मामला उठा था, हालांकि बाद में उसमें दम नहीं निकला।
घटना के बाद पकड़े गए थे नरेंद्र, वीरेंद्र
हत्यारोपियों में नरेंद्र, वीरेंद्र को लोगों ने ऑपरेटर के दरवाजे पर देखा था। सबसे पहले संदिग्ध मानकर पुलिस ने दोनों को उठाया था। दोनों को पुलिस ने पूछताछ भी की थी। आरोपियों ने शाम को साथ आने की बात कबूली थी उसके बाद वापस लौट जाना बताया था। घटना के बारे में पुलिस को कुछ नहीं बताया था। पुलिस ने दोनों को मजदूर तबके का मानकर छोड़ दिया था। जबकि इन दोनों की मुखबिरी पर ही हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। दरअसल बलिकरन सिंह का गांव के बाहर बाग है। वहीं अराजकतत्वों और खाने पीने वालों का जमावड़ा लगता है। यही बछराज का भी आना जाना रहता था।
चीख दबाने के लिए बजाया था साउंड
हत्याकांड की सुबह 23 सितंबर को घर से साउंड सिस्टम बजने की आवाज आ रही थी। अक्सर ऑपरेटर तेज आवाज में रात को गाने लगाकर सो जाता था। सुबह जागने पर बंद कर देता था। सुबह साउंड बंद नहीं हुआ था। ऑपरेटर भी नहीं दिखा था, तभी पड़ोसी पहुंचे थे। घटना का पता लगा था। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि घटना के दौरान हत्यारोपियों ने तेज आवाज में साउंड बजाया था ताकि ऑपरेटर की चीख किसी को सुनाई नहीं दे।
थाने का हिस्ट्रीशीटर बछराज पासवान
फरार आरोपी बछराज पासवान थाने का शातिर अपराधी है। थाने के टॉपटेन और हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ दो हत्या, दो लूट, पुलिस मुठभेड़, हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है।