कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी को शाल भेंटकर सम्मानित करते
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महर्षि विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में महर्षि शताब्दी वर्ष समारोह धूमधाम से पूर्णता महोत्सव के रूप में मनाया गया। मंगलवार को पारंपरिक गुरु पूजन के बाद कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि सत्यदेव पचौरी ने कहा कि महर्षि महेश योगी सच्चे अर्थों में संत थे। वह भारतीय संस्कृति के अनन्य संदेश वाहक थे। विश्व बंधुत्व के साक्षात प्रतिमूर्ति थे। उनमें प्राचीनता एवं आधुनिकता का अभूत पूर्व समन्वय था। वर्षों की कठिन साधना के बाद 1957 में उन्होंने भावातीत ध्यान शैली प्रस्तुत किया था। विश्व के 120 देशों में लाखों लोग इस ध्यान साधना का अभ्यास कर लाभ उठा रहे हैं।
महर्षि वैदिक विश्व विद्यालय के कुलपति भुवनेश शर्मा ने कहा कि महर्षि योगी का जन्म 12 जनवरी को 1917 में हुआ था। 2017 में उनका जन्म शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। इस दौरान पूरे देश में सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित कर उनके ज्ञान का जन जन तक पहुंचाने का काम किया जाएगा। महर्षि ने दुनियां को ध्यान की अत्यंत सरल और सहज तकनीकी दी है। कार्यक्रम में बच्चों ने गीत गाकर अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद गणेश वंदना हुई और फिर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झड़ी लग गई।
कक्षा दो से पांच तक के बच्चों ने हमारा दुश्मन है जाने क्यों जमाना? कक्षा सात और आठ की छात्राओं ने अधर्म और धर्म का संदेश दिया। इसके बाद राजस्थानी डांस, डिवोसनल डांस की प्रतियोगिताएं हुई। स्कूल के प्रधानाचार्य एके मिश्र ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर भाजपा के जिलाध्यक्ष दिनेश बाजपेयी, ज्ञानू सचान, सुशील शाक्य तथा स्कूल शिक्षक, अभिभावक और बच्चे मौजूद थे।