थाना क्षेत्र के टीकर गांव के पास सोमवार दोपहर एक ट्रक ने मामा-भांजी को रौंद दिया। मासूम भांजी को साइकिल पर बैठाकर युवक पैदल चल रहा था। कुछ फासले पर पीछे चल रही उसकी मां बाल-बाल बची। भट्ठा मजदूर मां-बेटा होली का त्योहार मनाने अपने गांव पिपरी मजरे सातो धरमपुर जा रहे थे। घटना से गुस्साए लोगों ने दो घंटे तक सड़क जाम कर हंगामा किया। बाद में पुलिस के आश्वासन पर जाम खुला। दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
सातो धरमपुर निवासी रामकिशुन पासवान, उसकी पत्नी पुष्पा थाना क्षेत्र के घरवासीपुर गांव के भट्ठे में मजदूरी करते हैं। उनके साथ बेटे जीतेंद्र, वीरेंद्र, संजय और छोटा बेटा पवन (14) भी मजदूरी करता था। घरवासी गांव में उनकी बेटी सुमन की ससुराल है। सोमवार को पवन अपनी मां पुष्पा के साथ भांजी स्वाती (6) को साइकिल में पीछे बैठाकर पैदल होली का त्योहार मनाने गांव जा रहा था। टीकर गांव के पास असोथर की तरफ से सार्वजनिक वितरण प्रणाली का अनाज उतार कर लौट रहे ट्रक ने मामा-भांजी को चपेट में ले लिया। ट्रक दोनों को कुचलता हुआ निकल गया। पुष्पा के चीखने-चिल्लाने पर टीकर और सरांय के ग्रामीण जुट गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव उठाने की कोशिश की तो लोग भड़क उठे। नोकझोंक हुई और पुलिस को पीछे हटना पड़ा।
गुस्साए ग्रामीणों ने थरियांव रोड पर पेड़, झाड़ी काटकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर गाजीपुर व थरियांव की पुलिस मौके पर पहुंच गई। जाम खोलने को लेकर कई बार भीड़ और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। इस दौरान करीब दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा। आखिर में टीकर, सरांय व घनघौल के प्रधानों ने मध्यस्थता कर ग्रामीणों को समझाया। कहा गया कि उचित मुआवजा व कार्रवाई होगी, तब जाकर जाम हटा। इसके बाद पुलिस शवों को पोस्टमार्टम हाउस भेज सकी। पिता रामकिशुन ने असोथर थाने में तहरीर दी है।
थानाध्यक्ष राजेश कुमार मौर्या ने बताया कि चालक ट्रक छोड़कर भाग गया है। ट्रक को पुलिस टीकर गांव से कुछ दूरी से कब्जे में लेकर थाने ले आई है। दुर्घटना की एफआईआर दर्ज कर ली गई है।