आखिर वही जिसका डर था। नहरों का पानी टेल तक न पहुंचने से किसानों के बीच पानी के लिए मारामारी शुरू हो गई। देवमई विकास खंड के गांव बैरागीखेड़ा के किसानों ने राम गंगा निचली नहर की पटरी काट दिया और खेतों की सिंचाई शुरू कर दी। सूचना पर नहर विभाग के अधिकारी व कर्मचारी पटरी बांधने के लिए पहुंचे, लेकिन किसानों के विरोध के आगे बैरंग लौटना पड़ा। किसानों का कहना है कि नहर में पूरा पानी नहीं छोड़ा जा रहा है, जिससे उनकी फसलें बर्बाद हो रही है।
रामगंगा निचली नहर की गांव बैरागी खेड़ा के पास किसानाें ने रात को पटरी काटकर अपनी धान की फसल को सींचना शुरू कर दिया, जिससे आगे पड़ने वाले गांव के किसानों को पानी मिलना बंद हो गया। सूचना मिलने पर रविवार को नहर विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचकर पटरी बांधने लगे। गांव बैरागी खेड़ा, रसूलपुर, पधारा, डुंडरा, बनियनखेड़ा के किसानों ने पटरी बांधने का प्रबल विरोध शुरू कर दिया और कहा कि जब तक उनके धान के खेतों में पर्याप्त पानी नहीं भर जाएगा तब तक पटरी नहीं बांधने दी जाएगी। अधिकारियों की सूचना पर थानाध्यक्ष बकेवर राजेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और नहर पटरी बंधवाने का प्रयास किया। दो घंटे तक किए गए प्रयास सूखे की मार झेल रहे किसानों के आक्रोश के सामने विफल हो गए। अधिकारियों व पुलिस को बैकफुट में आना पड़ा।
देवमई विकास खंड के गांव बैरागी खेड़ा, रसूलपुर, पधारा, डुंडरा, बनियनखेड़ा के किसानों ने नहर पटरी काट कर अपने खेतों में लगे धानों की सिंचाई के लिए पानी भरने का काम शुरू कर दिया। इससे आगे के गांव मयाराम खेड़ा, कितनीखेड़ा, हरिचंद्रखेड़ा, शाहपुर आदि गांव के किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे किसानों के बीच पानी को लेकर जंग छिड़ने की आशंका है।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
बिंदकी। नहर विभाग के सहायक अभियंता भगवान दास, जेई विनोद कुमार यादव ने बताया कि भारी पुलिस व पीएसी को लेकर रात में काटी गई नहर की पटरी को बांधा जाएगा। उधर, बकेवर थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने बताया कि वह नहर विभाग के अधिकारियों की सूचना पर मौके पर गए थे। किसानों को नहर पटरी काटने जैसे गैर कानूनी काम न करने की बात समझाई है लेकिन किसान नहीं माने।
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खजुहा रजबहा भी काट शुरू की सिंचाई
बिंदकी। बकेवर थाना क्षेत्र के ही गांव बरिगवां हेड के पास धान की फसल को बचाने के लिए किसानों ने खजुहा रजबहा को काटकर अपने खेतों की सिंचाई शुरू कर दी। इससे आगे के गांव के लोगों में पटरी काटने वाले गांव बरिगवां, जगदीशपुर के किसानों के प्रति आक्रोश व्याप्त है। रविवार को सुबह बकेवर थाना क्षेत्र के गांव बरिगवां व जगदीशपुर के किसानों ने खजुहा रजबहा की पटरी काटकर अपने खेतों में लगे धान की फसल पर पानी भरना शुरू कर दिया। इससे दबंग किसानों की फसल तो जबरन पानी लेने से संभल जाएंगी लेकिन उनकी धान की फसल पूरी तरह से सूख रही है।
रोस्टर के हफ्ते भर बाद भी नहीं पहुंचा पानी
फतेहपुर। रामगंगा नहर का एक से 14 सितंबर तक पानी चलने का रोस्टर है। हफ्ता भर बाद भी नहर का पानी आधी दूर नहीं पहुंच सका है। नतीजतन भिटौरा, हथगाम और ऐराया विकास खंड क्षेत्र के किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं। वहीं नहरों में पानी की मांग को लेकर पिछले चार दिन से भाकियू के पदाधिकारी धरना पर बैठे हैं। खरीफ फसल में भीषण सूखे के संकट से जिले का किसान जूझ रहा है। जरौली पंप कैनाल लो-वोल्टेज की वजह से बंद है। यमुना तिरहार क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था धड़ाम हो चुकी है।
सींचपाल निलंबित, जेई पर कार्रवाई
फतेहपुर। बकेवर थाना क्षेत्र के पधारा गांव में दोबारा खांदी काटने के मामले में जिलाधिकारी पुष्पा सिंह ने सींचपाल को निलंबित कर दिया है। जेई के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा जिसके खेत से खांदी कटी है। उसके खिलाफ बकेवर थाने में नामजद एफआईआर दर्ज कराने के अलावा सरकारी नुकसान के चार गुना भरपाई करने का जुर्माना करने के निर्देश दिए हैं।
रामगंगा नहर में पानी आने के पहले ही निचली गंगा नहर में किसान खांदी कर रहे हैं, जिससे पानी का बराबर संचालन नहीं हो पा रहा है। खांदी करने वाले किसानों की छानबीन की जा रही है। प्रयास है कि अधिक से अधिक दूर तक नहर में पानी पहुंचाया जाए।- ओपी चौधरी, अधिशासी अभियंता, रामगंगा नहर।