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राहगीर रोज गंवा रहे हैं जान

Wed, 18 Mar 2015 12:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
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यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए जिले में संसाधनों का टोटा है। पब्लिक है कि धड़ाधड़ नियम तोड़े जा रही है। ऐसे में नेशनल हाइवे टू समेत कई राज्य मार्गों पर हादसों में होने वाली मौतों के  आंकड़ों से पिछले सालों के रिकार्ड टूट गए।
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क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के मुताबिक हादसों में हर रोज एक व्यक्ति की जान जाती है और आधा दर्जन के करीब घायल होते हैं। कहीं मुखिया की मौत से परिवार को रोजी रोटी के लाले पड़ते हैं, तो किसी परिवार का चिराग ही बुझ जाता है।

हादसे रोकने के लिए की जाने वाली सारी कवायदें दम तोड़ देती हैं। अब सड़क हादसों पर ब्रेक लगाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से सख्त कानून लाने की कवायद शुरू हो गई है। इससे हादसे किस हद तक थमेंगे, यह बिल लागू होने के बाद ही पता चलेगा लेकिन ट्रैफिक कंट्रोल के जिम्मेदारों ने इससे हादसे रुकने की आस लगा रखी है।
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जिले में नेशनल हाइवे की 80 किलोमीटर सीमा है। छह दिन पहले उसरैना पर बेकाबू ट्रक ने एक परिवार के चार सदस्य समेत पांच को रौंदकर जिंदगी छीन ली। वहीं मुगल राज्य मार्ग के बकेवर थाना क्षेत्र में पिकअप की टक्कर से एक साथ तीन युवकों की मौतें हुईं।

माह के एक पखवारे में मौतों की संख्या 20 हो गई है। इस तरह से राज और राज्य मार्गों पर कब, कौन, कहां दुर्घटनाओं का शिकार होकर काल के गाल में समा जाए, इसका भरोसा नहीं रह गया है। यातायात पुलिस लापरवाही से ड्राइविंग करने वालों के खिलाफ अभियान के नाम पर खानापूरी करती है।

पुलिस के चालान और जुर्माने की कार्रवाई को भी पब्लिक ने मजाक बना लिया है। हादसों पर काबू पाने के लिए सड़कों पर लगाए जाने वाले संकेतांक क्षतिग्रस्त हालात में पड़े हैं। एक माह के यातायात माह और परिवहन विभाग के अन्य जागरूकता कार्यक्रमों का भी असर नहीं दिखाई पड़ रहा है।   
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