दो साल पहले जमीन चुन लेने के बाद भी जिले में ट्रांसपोर्ट नगर नहीं बस पाया। इससे ट्रांसपोर्टरों में नाराजगी है। आधा-अधूरा काम होने से मार्गों के दोनों ओर ट्रक खड़े हो जाते हैं। जाम की समस्या आम हो गई है। ट्रांसपोर्टरों ने जिला प्रशासन ने इस ओर ध्यान देने की गुहार लगाई है।
प्रशासन ने नगर पालिका के सहयोग से हाईवे जीटी रोड पर सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय के पास ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जमीन एलाट की थी। इसके बाद यहां पर दुकानें तो बन गई लेकिन अभी तक संचालन शुरू नहीं हो सका है। अभी यहां ढाबा, पार्किंग व गेट भी लगना बचा है। यदि ट्रांसपोर्ट नगर शुरू हो जाए तो टैक्स के रूप में नगर पालिका को अच्छी खासी आमदनी होने लगेगी। शहर के ज्वालागंज, देवीगंज, शांतीनगर, बांदा सागर मार्ग स्थानों पर ट्रांसपोर्टर अपना व्यवसाय करते हैं। इससे मार्गों में ट्रकों व अन्य वाहनों के खड़े हो जाने से जाम की समस्या बनी रहती है।
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपचंद्र शुक्ला ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर शुरू करने के लिए कई बार जिलाधिकारी और नगर पालिका प्रशासन से मिल चुके हैं। सड़क किनारे वाहनों के खड़े रहने से जुर्माना देना पड़ता है। व्यापारियों का नुकसान होता है। प्रशासन की अनदेखी से ट्रांसपोर्टरों को किराए पर दुकान लेकर काम करना पड़ रहा है। महामंत्री राजेश गुप्ता, बीरेंद्र तिवारी, धनराज गुप्ता, विनोद गुप्ता, आफताब आलम ट्रांसपोर्टरों ने जल्द ही ट्रांसपोर्ट नगर शुरू किए जाने की मांग की है।