आदर्श रेलवे स्टेशन के टिकट आरक्षण केंद्र के बाहर खड़े दलालों का भीतर तक दखल है। गंतव्य स्थान के लिए ट्रेन में रिजर्वेशन कराना है तो किसी न किसी दलाल को पकड़ना जरूरी है।
आरक्षण के लिए सीधे पहुंचने पर काउंटर से टका सा जवाब मिलता है, रिजर्वेशन नहीं है। ट्रेन यात्रियों ने बताया कि ज्यादातर वेटिंग बता दी जाती है, जबकि दलाल की मदद से टिकट आसानी से मिल जाता है। ऐसे में जरूरतमंद को टिकट की तय दर से ज्यादा दाम देकर टिकट लेने की मजबूरी है।
कई महीने पहले आरपीएफ ने दलालों को खदेड़ने के लिए वीडियोग्राफी का सहारा लिया था। इससे कुछ समय के लिए आरक्षण केंद्र से दलाल नदारद हो गए थे। इधर इस काम में ढिलाई होने से आदर्श रेलवे स्टेशन के आरक्षण केेंद्र मेें फिर से दलाल इस केंद्र मेें हावी हो चुके हैं। यह दलाल तत्काल टिकट के नाम पर लंबा खेल कर रहे हैं। हालात यह है कि शाम से ही आरक्षित टिकटों को हथियाने के लिए दलाल लाइनें लगा लेते हैं। जिसके चलते आरक्षण कराने आए जरूतरमंद को ज्यादातर निराश होना पड़ता है। गुरुवार को रेल बाजार के महेंद्र कुमार के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ। बकौल महेंद्र लाइन में नंबर आने के बाद जब विंडों पहुंचे और टिकट बाबू से कंफर्म टिकट मांगा तो टका सा जवाब देकर विंडो छोड़ने को कह दिया। जबकि पीछे लगे दलाल को टिकट थमा दिया गया। देखा जाए तो महेंद्र एक नजीर भर है। हरेक दिन आरक्षित टिकट की चाह में लाइन लगाने वाले जरूरतमंदों को हताश होना पड़ रहा है।
सूत्रों की माने तो तत्काल फार्म में चार टिकट हासिल किए जा सकते हैं। जिसका दलाल फायदा उठाते हैं। जो जरूरतमंद पांच सौ रुपये के तय दर वाले आरक्षित टिकट का डेढ़ से दो हजार रुपये वसूल रहे हैं। इस मामले में जब आदर्श रेलवे स्टेेशन के एसएम आरएल प्रसाद से बात करने का प्रयास किया गया तो मोबाइल किसी मातहत ने उठाया। जबकि आरपीएफ के थानेदार मनोज शर्मा ने आरक्षण केंद्र का समय समय पर निरीक्षण कराए जाने की बात कही। साथ ही दलालों को आरक्षण केंद्र से बाहर रहने की चेतावनी दी।