फोटो-20- कृषि विज्ञान केंद्र थरियांव में श्रमिकों को प्रशिक्षण देते वैज्ञानिक।
दुग्ध व्यवसाय को बढ़ाएं, योजनाओं को लाभ लें
क्रासर
- केवीके थरियांव में श्रमिक मजदूरों को दिया प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। कृषि विज्ञान केंद्र थरियांव में गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत गुरुवार को 30 श्रमिकों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। डॉ. देवेंद्र स्वरूप ने कहा कि सफल उद्यमी बनने के लिए पशुपालन के चार स्तंभ हैं। पशु पोषण, पशु प्रजनन, पशु स्वास्थ्य सुरक्षा और पशु प्रबंधन बहुत जरूरी है। पशुपालन करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की तरह पशुपालन कार्ड भी बनाया जाता है। इससे आसानी से दुधारू पशुुुओं को खरीदा जा सकता है। दो पशु इकाई के लिए दो से ढाई लाख रुपये और पांच पशुओं के लिए पांच से साढ़े पांच लाख रुपये का पशुपालन क्रेडिट कार्ड बनता है। साधारण ब्याज में पशुपालन किया जा सकता है। दुग्ध के व्यवसाय से रोज की आय बनेंगी और जिन श्रमिकों के पास खेत हैं। उनके लिए गोबर की खाद तैयार होगी। इसके अलावा डॉ. आरके सिंह, डॉ. संजीव शर्मा, डॉ. नौशाद आलम, मौसम विशेषज्ञ सचिन कुमार शुक्ला ने श्रमिकों को टिप्स दिए।