ठंड लगने से महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई। जिला अस्पताल में रविवार को बुखार पीड़ित मेंहदी हसन (35) की इलाज के दौरान मौत हो गई। उसकी हालत कई दिनों से हालत खराब थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण शव घर ले जाने के लिए परिजनों ने एंबुलेंस की मांग की। उसका भी अस्पताल प्रशासन इंतजाम नहीं करा सका। उधर, धाता के अजरौली गांव में एक महिला ने ठंड लगने से दम तोड़ दिया। कल्यानपुर थानाक्षेत्र के अदमापुर कोरसम गांव में एक वृद्ध की ठंड लगने से मौत हुई है।
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के काजीखेड़ा मोहल्ला निवासी मेंहदी हसन पुत्र जमील अहमद को पत्नी राबिया और मां ने रविवार सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। उन्होंने बताया कि पांच दिन पहले बोरिंग मशीन में काम करने गया था। घर लौटने के बाद तेज ठंड लगी और बुखार आ गया था। बुखार उसके मस्तिष्क में चढ़ गया। बिंदकी सीएचसी में दो दिन पहले दिखाया था। सीएचसी में दवाएं दी गई थीं। घर में दवा खाने के बाद सुबह अचानक तबियत और बिगड़ गई। तब वे लोग लेकर फिर सीएचसी पहुंचे।
डाक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर किया। जहां उसकी दोपहर में मौत हो गई। आर्थिक हालत बहुत खराब है। मेंहदी के चार बच्चे हैं। परिजनों ने डाक्टर व नर्स से 108 एंबुलेंस बुलाने की मांग की। स्टाफ ने मोबाइल से कॉल करने को कहा, लेकिन उनके पास मोबाइल ही नहीं था।
इसके बाद टेंपो से किसी तरह शव लेकर परिजन गांव चले गए। ईएमओ डा. आदर्श ने बताया कि दिमागी बुखार की शिकायत पर मरीज को भर्ती किया गया था। परिवार वालों को कानपुर ले जाने की सलाह दी थी, लेकिन वह कानपुर नहीं ले गए। उसकी हालत गंभीर थी, जिससे मौत हुई है।
ठंड से महिला व वृद्ध की मौत
अजरौली गांव में रंगीलाल की 40 वर्षीय पत्नी अदुलिया की ठंड लगने से मौत हो गई। शनिवार रात करीब 10 बजे ठंड लगने पर अदुलिया को उल्टी होने लगी और शरीर में कंपकंपी शुरू हो गई। आग तपाई गई। देशी इलाज भी कराया गया। कोई फायदा नहीं हुआ। मृतका के तीन पुत्र और दो पुत्रियां हैं। परिजनों ने तहसील में कोई सूचना नहीं दी है। अंतिम संस्कार कर दिया।
उधर, चौडगरा प्रतिनिधि के अनुसार, कल्यानपुर थानाक्षेत्र के अदमापुर कोरसम निवासी 65 वर्षीय मेवा शनिवार रात ज्ञान सिंह के खेतों पर पानी लगाने गया था। तभी उसे ठंड लग गई, जिसका इलाज प्राईवेट डाक्टर से कराया गया। लेकिन उसकी मौत हो गई।