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साढ़े तीन साल में पूरी नहीं हुई विज्ञान किट खरीद की जांच

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फतेहपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में हुई विज्ञान किट खरीद की जांच साढ़े तीन साल में भी पूरी नहीं हुई। खरीद करने वाले बीएसए का अब तबादला भी हो गया है। खरीद में धांधली का आरोप लगने के बाद श्इसकी जांच डीआईओएस को सौंपी थी। लेकिन इससे जुड़ी फाइल डीआईओएस कार्यालय में धूल खा रही है।
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शासन ने उच्च प्राथमिक स्कूलों में विज्ञान किट खरीद के लिए प्रति विद्यालय 7000 रुपये का बजट आवंटित किया था। जिलेभर के 747 उच्च प्राथमिक स्कूलों में विज्ञान किट की खरीद एक ही संस्था से कराई गई थी। किट के नाम पर एक टीन के डिब्बे में एक माइक्रोस्कोप की तरह का फाइवर का खिलौना और कुछ कांच के सामान मिले थे। इसकी शासन में शिकायत हुई थी।
शासन ने जांच के आदेश जारी किए थे। जांच की जिम्मेदारी तत्कालीन जिलाधिकारी ने डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह और सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी आनंद विक्रम सिंह को दी थी। मामले की जांच के लिए दोनों अधिकारी बार-बार बीएसए कार्यालय के चक्कर लगाते रहे, लेकिन बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से खरीद से संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। विज्ञान किट खरीद का मामला अभी तक डीआईओएस कार्यालय में जांच के लिए लंबित पड़ा है। डीआईओएस ने बताया कि बीएसए कार्यालय ने जांच में सहयोग नहीं किया। ऐसे में जांच अभी तक लंबित पड़ी है। इसकी लिखित जानकारी शासन को भेजी जा चुकी है।
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