समाज के सारे बंधन तोड़कर प्यार की मंजिल का सफर पूरा न कर पाने से हताश किशोरी और युवक ने अपने सफरनामे में मौत की अंतिम मुहर लगा ली। यह दोनों मामले अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए हैं। चांदपुर थाना क्षेत्र में एक किशोरी ने अपने आशिक के जेल चले जाने से क्षुब्ध होकर केरोसिन उड़ेल कर आत्महत्या कर ली। इधर, खागा कोतवाली क्षेत्र में ममेरी भाभी से दिल लगाने वाले देवर ने जहरीला पदार्थ खाकर मौत को गले लगा लिया। इस तरह दोनों की प्रेम कहानी का अंत हो गया।
प्रेमी के जेल जाने पर किशोरी ने लगाई आग- अमौली(फतेहपुर)। चांदपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 17 वर्षीय किशोरी का गांव के एक युवक से प्रेम प्रसंग हो गए थे। किशोरी तीन अगस्त को युवक संग भाग गई थी। पुलिस ने बहला फुसलाकर भगा ले जाने की आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। दो दिन पहले पुलिस ने किशोरी को बरामद कर लिया।
इसके बाद आरोपी को जेल भेज दिया। कोर्ट के आदेश पर किशोरी अपने घर चली गई। किशोरी शुक्रवार शाम घर में अकेली थी, उसके पिता मजदूरी करने गए थे। मां खेतों पर काम करने गई थी। घर में उसका दस साल का छोटा भाई था। तभी उसने केरोसिन डालकर आग लगा ली।
घटना देखकर गांव के लोग बचाने के लिए दौड़ पड़े, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। एसओ अनूप सिंह मौके पर पहुंचेे। उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजनों ने बताया कि घर की इकलौती बेटी थी, उसका भविष्य बिगड़ता नहीं देख सकते थे। इसी वजह से रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसओ ने बताया कि उसका प्रेम प्रसंग रहा है। प्रेमी के जेल जाने से क्षुब्ध होकर आग लगाई है।
प्रेमिका से दूरी न हुई बर्दाश्त तो दी जान- फतेहपुर। खागा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी शिवचंद का बेटा विपिन (28) थरियांव में चाय-पानी का कुछ दिन पहले होटल खोला था। वह होटल के लिए शनिवार सुबह जंगल में लकड़ियां काटने गया था।
वहीं जहरीला पदार्थ पी लिया। ग्रामीणों ने उसको बिगड़ी हालत में पड़ा देखकर परिजनों को खबर दी और उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल पर डाई के पाउच पड़े मिले। इससे अंदाजा लगाया कि वालों में लगाने वाली डाई पीकर ही जान दी होगी।
पिता ने बताया कुछ माह से बेटे का दूर के रिश्ते की भाभी से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसका पति दूसरे प्रदेश में नौकरी करता था। वहां से लौटने पर पति को प्रेम प्रसंग के बारे में जानकारी हुई। मामले को लेकर विवाद भी हुआ, उन्होंने भी बेटे को फटकार लगाई थी। इसके चलते दस दिन पहले महिला ने भी जहरीला पदार्थ खा लिया था। इलाज के बाद उसकी तबियत में सुधार हुआ है।
पिता का कहना है कि इसके बावजूद विपिन तनाव में रहता था। इसी चक्कर में उसने अपनी जान दे दी है। घटना से मां का रो-रोकर हाल बेहाल रहा है। वह चार बेटों में सबसे बड़ा था। उसकी दो बहनें भी हैं। पुलिस ने मृतक युवक के शव का पोस्टमार्टम कराया है।