फतेहपुर। खजुरिहापुर गांव के महाठग राजेश मौर्या व उसके साथियों पर पीड़ितों ने गैंगस्टर लगाने, बेनामी संपत्ति खोजकर कुर्क कर पीड़ितों को भरपाई करने की मांग की है।
सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के खजुरियापुर निवासी राजेश मौर्या ने भाइयों व करीबियों की मदद से 2016 में लोगों को ठगी का शिकार बनाया था। हमारा मिशन चिटफंड कंपनी के जरिए बेरोजगार, नवयुवकों, किसानों से करीब साढ़े तीन करोड़ की ठगी की थी। धोखाधड़ी में प्रयागराज, फतेहपुर, कौशांबी के निवेशकों की रकम डूबी थी। वेश बदलकर महाठग फरार चल रहा था। एसटीएफ व घोष पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक माह पहले उसे पकड़ा था।
महाठग के खिलाफ जिले के अलावा कौशांबी, प्रयागराज समेत कई जनपदों में धोखाधड़ी के 10 से अधिक मुकदमे हैं। जेल भेजने के बाद पुलिस की कार्रवाई ठप पड़ी है। महाठग की गिरफ्तारी से निवेशकों को रकम वापसी की उम्मीद जगी है। मामले में खागा कोतवाली के गढ़ी निवासी रावेंद्र सिंह समेत अन्य पीड़ितों ने खागा समाधान दिवस में सीडीओ व सीओ को शिकायती पत्र देकर बताया कि महाठग की बेनामी अकूत संपत्ति है। महाठग और उसके साथियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाए। गैंगस्टर के तहत उसकी संपत्ति कुर्क की जाए। कुर्क संपत्ति से निवेशकों की भरपाई की जाए। शिकायतकर्ताओं में निवेशक करन सिंह, लक्ष्मी शंकर मौर्य, राजेश कुमार मौर्य, राममनोहर मौर्य, सर्वेश मौर्य,अशोक मौर्य, मनोज मौर्य, सरोहन लाल समेत अन्य निवेशक थे।
महाठग की पत्नी चल रही फरार
महाठग राजेश मौर्या की पत्नी पूजा मौर्या भी करोड़ों की ठगी के मामले में नामजद हुई थी। वह भी आठ साल से फरार है। पकड़े जाने पर राजेश मौर्या ने पत्नी की लोकेशन कानपुर में बताई थी। पुलिस उसकी खोज में नाकाम है।