कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर परिषदीय स्कूलों के
बच्चों को शिक्षा में निपुुण बनाने की कवायद हो रही है। इस दिशा में हम
कितना बढ़ पाए, यह जानने के लिए सोमवार को शैक्षिक गुणवत्ता एवं मूल्यांकन
परीक्षा होगी। ढाई हजार से ज्यादा स्कूलों में करीब ढाई लाख बच्चे परीक्षा
देंगे। शिक्षा विभाग ने मूल्यांकन आधारित परीक्षा की शुचिता के लिए सभी
बीईओ को निर्देश जारी किया है।
जिले में 2650 परिषदीय स्कूल संचालित
हैं। जिसमें 1903 प्राइमरी व 747 हायर सेकेंड्री लेवल के हैं। इनमें दो लाख
54 हजार के आसपास बच्चे पंजीकृत हैं।
जिला बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय
स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की तालीम की पड़ताल के लिए एक साथ सारे
स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता एवं मूल्यांकन का फैसला लिया गया है।
परीक्षा
सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस बड़े
आयोजन की तैयारियों को रविवार को अंतिम रूप दिया। जिले से ब्लाक स्तर पर
प्रश्नपत्र भेज दिए गए हैं।
बीएसए विनय कुमार का मानना है कि मूल्यांकन
संबंधित शख्स की क्षमता को उजागर करने का काम करता है। सोमवार को दो घंटे
की आयोजित शैक्षिक गुणवत्ता एवं मूल्यांकन परीक्षा से छात्र व छात्राओं की
मौजूदा क्षमता का पता चलेगा। साथ ही गुरुजनों के दायित्व भी इस परीक्षा के
जरिए सामने होंगे।