कोहरे और बरसात के बाद धूप नहीं निकलने से गेहूं की फसलों में रोग लग रहा है जबकि असिंचित फसलों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। जिन किसानों ने बरसात के एक हफ्ते पहले गेहूं की फसलों की सिंचाई की थी, वही फसलें चौपट होने की कगार पर हैं।
करीब एक माह से छाई बदली और ठंड से किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं लेकिन प्रगतिशील किसानों ने सूख रही गेहूं की फसलों की सिंचाई कर दी, जो घातक बन गई।
सिंचाई के बाद हुई बरसात से धूप न निकलने से खेतों में पानी भरा है। पानी भरे रहने से फसल पीली हो गई, जिससे पौधों का विकास रुक गया। काही के रामस्वरूप, रामीपुर के नरेंद्र अवस्थी और धर्मपाल, ओमप्रकाश ने बताया कि सिंचाई का खर्च भी हो गया और फसलों का नुकसान हो गया।