आबूनगर जीटी रोड स्थित राजकीय छात्रावास खाली कराए जाने से छात्रों में आक्रोश है। छात्रों ने बताया कि समाज कल्याण अधिकारी दफ्तर से फोन करके उन्हें छात्रावास खाली करने को कहा जा रहा है। उनका कहना है कि वे परीक्षा की तैयारी करें या रहने के लिए ठिकाना ढूंढे। ऐसे में तो उनका कैरियर तबाह हो जाएगा। उधर, छात्रावास में गंदगी व पानी की समस्या पहले ही परेशानी का सबब बनी है। छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें साजिश के तहत छात्रावास से निकाला जा रहा है।
समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित जीटी रोड आबूनगर स्थित छात्रावास इन दिनों समस्याओं से जूझ रहा है। यहां पर लगे हैंडपंप चार महीने से खराब पड़े हैं, ऐसे में छात्रों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है। छात्रों ने बताया कि यहां दूषित जलापूर्ति होती है। इसके अलावा सीवर लाइन चोक होने से नाली गंदगी से पटी है। सफाईकर्मी यहां कभी नहीं आता। यहां तैनात वार्डेन और सफाई कर्मी नियमित रूप से नहीं आते हैं ऐसे में समस्याओं का निराकरण नहीं हो रहा है। समाज कल्याण अधिकारी द्वारा छात्रावास बंद किए जाने की नोटिस के बाद छात्र परेशान हैं। छात्र जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर छात्रावास बंद न होने की मांग भी कर चुके हैं। छात्र शोभित लाल, केश कुमार, प्रभाकर, राकेश पासवान, प्रमोद कुमार, महेंद्र कुमार आदि ने बताया कि सुबह फोन करके समाज कल्याण अधिकारी ने धमकी दी कि जल्द से जल्द हास्टल खाली कर दो नहीं तो फोर्स भेजकर जबरन खाली कराएंगे। वहीं दहशत में आकर करीब एक दर्जन छात्र हास्टल खाली कर चुके हैं।
किससे कहें कहां लगाएं गुहार, कोई नहीं सुन रहा
फतेहपुर। छात्रावास में बीएससी तृतीय वर्ष के छात्र राज कैथल ने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से हास्टल में रह रहे हैं इसके पहले कभी भी किसी ने हास्टल नहीं खाली कराया। रैना गांव के रहने वाले बीकाम अंतिम वर्ष के छात्र रामराज ने बताया कि हास्टल की समस्याओं का निराकरण करने के बजाए समाज कल्याण अधिकारी जबरन छात्रों को हटाने की साजिश रच रहे हैं। बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र राहुल कुमार ने बताया कि वह एक वर्ष से हास्टल में रह रहे हैं। पैसा न होने से प्राइवेट रूम नहीं ले सक ते। प्रतियोगी परीक्षाओं के फार्म भी भरे हैं, ऐसे में हास्टल खाली करना पड़ा तो काल लेटर का पता भी नहीं चल पाएगा। हास्टल में बीए प्रथम वर्ष के छात्र शिव प्रकाश ने बताया कि रंगाई पुताई का कार्य चल रहा है। जिस रूम में रंगाई का कार्य पूरा हो रहा है वहां छात्रों को रहने नहीं दिया जा रहा।
कोट
छात्रों के साथ जिलाधिकारी से मिलकर वार्ता की है। यह भी कहा है कि जिन छात्रों की परीक्षाएं है उन्हें नहीं हटाया जाए। जानकारी मिली है कि हास्टल में कीमती पेड़ कटवाने की साजिश रची जा रही है जो सफल नहीं होने दी जाएगी। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। जबरन हास्टल खाली नहीं कराया जाएगा। - विक्रम सिंह, सदर विधायक।
शासन का निर्देश है कि हास्टल खाली कराया जाए। इसके लिए छात्रों को पहले से सूचना दी जा चुकी है। रंगाई पुताई के लिए तीस हजार रुपये का बजट शासन से मिला है। हास्टल तो खाली करना ही पड़ेगा। इसमे किसी भी प्रकार की राजनीतिक दखल नहीं मानी जाएगी। - जितेंद्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी।