बिजली की अघोषित कटौती से बेहाल शहरियों की आवाज बनने को विभिन्न संगठन के लोग एक साथ उठ खड़े हुए हैं। विद्युत विभाग की कारगुजारी पर नाराजगी जताते हुए कलक्ट्रेट में जवाबदेह विभागीय अफसरों पर निशाना साधा। कहा कि रात की कटौती से बच्चों की नींद पूरी नहीं होती, उन्हें स्कूल जाने में परेशानी होती है। साथ ही पेयजल समस्या गहराती जा रही है। सर्व समाज ने एक स्वर में विद्युत अफसरों पर नकेल कसकर शहर को बिजली की समस्या से मुक्त बनाए जाने की मांग की।
इस विरोध प्रदर्शन में फतेहपुर विकास मंच, जिला पत्रकार एसोसिएशन, नगर उद्योग व्यापार मंडल, जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, जिला वितरक एसोसिएशन, डिस्ट्रिक्ट प्राइवेट बस एसोसिएशन, अखिल भारतीय व्यापार मंडल, अखिल भारतीय चित्रांश महासभा व अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के लोग शामिल हुए।
विद्युत के अफसरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा रात में आठ से एक बजे तक बत्ती काट दी जाती है। इसके बावजूद बिजली की आवाजाही लगी रहती है, जिससे नींद पूरी नहीं हो पा रही है। इसका असर दिनचर्या पर पड़ रहा है। यही स्थिति दिन की आपूर्ति में बनी है। कटौती का कोई रोस्टर नहीं है। जब मन आता है, बिजली गुल कर दी जाती है।
डीएम डॉ. वेदपति मिश्रा से मिले प्रतिनिधि मंडल ने कहा तत्कालीन डीएम पुष्पा सिंह के कार्यकाल में बिजली आपूर्ति निर्धारित मानक के अनुरूप मिल रही थी। लिहाजा फिर से विद्युत अफसरों और इंजीनियरों पर नौकरी के लिए सचेत किया जाना जरूरी है। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिया।
इस दौरान कार्यक्रम संयोजक विवेक श्रीवास्तव, किशन मेहरोेत्रा, फरहत अली सिद्दीकी, राम प्रकाश गुप्ता, जय शंकर गुप्ता, चौधरी मोइन राइन, अनिल अग्रवाल, हरप्रीत सिंह, राधेश्याम हयारण, जिया कादरी, कृष्ण कुमार तिवारी, मनोज साहू, मनोज मिश्रा, सीबी सिंह त्यागी, शाहिद अली, विनोद मिश्रा, अतुल श्रीवास्तव, बृजेश श्रीवास्तव, रामजी श्रीवास्तव, सेराज अहमद खान भी मौजूद रहे।