कंडक्टर की सीट से पीछे तक चकनाचूर हुई बस।
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औंग (फतेहपुर)। कानपुर-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर छिवली नदी के पास मंगलवार छात्रों से भरी बस ट्रेलर के पीछे से जा टकराई। इसमें एक छात्रा की मौत हो गई। 21 छात्राएं, शिक्षिकाएं व एक कर्मी घायल हुआ था। जांच में यह बात सामने आई है कि बस संचालक ने लापरवाही बरती। बस में मेडिकल सुविधा से लेकर सुरक्षा तक इंतजाम नहीं मिले। वहीं, एआरटीओ के अधिकारी ने बताया कि जांच में बस संचालक की लापरवाही पाई तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। वहीं, औंग थाने में बस के अज्ञात चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। बिंदकी की राजकीय बालिका इंटर कॉलेज से 55 छात्राएं, दो शिक्षक और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी और ड्राइवर समेत 59 लोग बस में बैठे थे। जबकि, बस की क्षमता चालक समेत 55 सीटर है। इसके बावजूद अधिक सवारियां बैठाईं। बस की पड़ताल के दौरान सामने आया कि फायर से निपटने के लिए सिलिंडर और फर्स्ट एड बाक्स ही नहीं था।
चालक की सीट बेल्ट ही नहीं थी। पीछे के गेट में सीट लगाकर बंद कर दिया गया था। इससे हादसे के बाद पीछे का गेट नहीं खुला। छात्राओं को एक छोटे इमरजेंसी गेट व खिड़की के शीशे तोड़कर निकाला गया। इससे भी कई को चोट पहुंची। ऐसी हालात में बसों के संचालन से लोगों की जान जोखिम में है।
इधर, बुधवार को औंग थाना प्रभारी हनुमान प्रातप सिंह ने बताया कि चौकीदार की तहरीर पर बस के अज्ञात चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।