कस्बे में अतिक्रमण अभियान का पहला दिन औपचारिकता की भेंट चढ़ गया। तीन घंटे चले अभियान में छुटभैया दुकानदारों को हटाया गया, लेकिन बड़े अतिक्रमणकारियों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। इधर, आक्रोशित लोगों ने नगर पालिका प्रशासन पर अभियान में पक्षपात का आरोप लगाया है। लोगों ने बताया कि दुकानदारों की सड़क पर डंप मौरंग को लेकर कार्रवाई नहीं की गई।
शनिवार को बाजार बंदी के दिन पालिका के कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी विशाल सिंह, मनोज शुक्ला, शिरीष दुबे धर्मेंद्र के नेतृत्व में जेसीबी, ट्रैक्टर, आधा सैकड़ा से अधिक सफाईकर्मियों की टीम कस्बे में अतिक्रमण हटाने निकली। बांदा-सागर हाईवे स्टेशन रोड पड़ी डंप मौरंग मिलने पर सिर्फ जुर्माना लगाकर चेतावनी दी गई। इसके बाद गांधी चौराहे में रोड की पटरियों से गुमटी वालों ने अपनी दुकानें हटा लीं। तहसील रोड में भी सड़क के किनारे लगे मौरंग के ढेरों को नहीं हटाया गया। यहीं एक सब्जी विक्रेता के दुकान पर लगे बांस आदि को जेसीबी से हटा दिया गया। लेकिन आस-पास अन्य अतिक्रमणकारियों को हिदायत देकर टीम आगे बढ़ गई। कमोबेश अंबेडकर चौराहे तक चलाए गए अभियान में यही हाल रहा। इससे लोगों ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने व अतिक्रमण के नाम पर वसूली करने का आरोप नगर पालिका प्रशासन की अतिक्रमण हटाओ टीम पर लगाया है।
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दो दर्जन दुकानदारों पर दस हजार का जुर्माना
बिंदकी। नगर पालिका परिषद के कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि दो दर्जन अतिक्रमणकारियों पर दस हजार का जुर्माना वसूल कर उनको रसीदें दी गई हैं। यह अभियान आज चेतावनी तक ही सीमित रहा सोमवार को पुलिस फोर्स लेकर जोरदारी से चलाया जाएगा।