सूर्यदेव के दर्शन होते ही रविवार को कोहरे की चादर
हट गई। इससे लोगों को दिनभर ठंड का अहसास नहीं हुआ। पूरे दिन छत में बैठकर
लोग धूप का आनंद लेते रहे और छुट्टी का दिन होने की वजह से स्कूली बच्चे
मैदान में खेलकूद में लगे रहे। दोपहर के बाद जैसे-जैसे शाम ढली, ठंड का
अहसास बढ़ता गया। शाम को ठंड से बचने के लिए बस अड्डा, रेलवे स्टेशन और
सार्वजनिक स्थानों पर लोग अलाव तापते दिखाई दिए।
सूर्य की चटख किरणों
से कोहरे की धुंध गायब हो गई। दिनभर लोग ठंड से बचने के लिए धूप में बैठे
रहे। छत पर महिलाएं एक दूसरे से गुफ्तगू करती रहीं।
रविवार को होने की वजह
से लोग दिन चढ़ने के बाद छतों पर नहाते और कपड़े धुलते दिखाई दिए। बच्चे
चटख धूप में छत पर स पतंग उड़ाते रहे। आईटीआई, शांति नगर के स्टेडियम में
स्कूली बच्चे क्रिकेट खेलकर लुफ्त उठाए।
वहीं रात के कोहरा व ठंड की वजह से
यातायात प्रभावित रहा। हावड़ा-दिल्ली रूट में अप और डाउन की ट्रेने घंटों
देरी से स्टेशन पर पहुंची। मुसाफिर ठंड से बचने के लिए स्टेशन परिसर के
बाहर धूप का मजा लेते दिखाई दिए।
रोडवेज बस अड्डा में बसें देरी से
आती-जाती रहीं। धूप ने लोगों को ठंड से कोहरा व ठंड से यातायात व्यवस्था
बेपटरी है। रेलवे स्टेशन पर रुकने वाली ट्रेने घंटो देरी से आई और रोडवेज
की बसों के इंतजार में लोग घंटो इधर-उधर टहलते रहे।