शहर में स्थित सेंट मेरी स्कूल के प्रिंसिपल पर छात्रा के हाथों में रची
मेहंदी छुड़वाने का आरोप लगा अभिभावकों एवं हिंदू संगठनों ने जमकर हंगामा
किया।
इस दौरान स्कूल स्टाफ और अभिभावकों में जमकर नोंकझोंक हुई। करीब तीन घंटे के हंगामे के बाद मामला शांत हुआ।
शहर
के नउवाबाग निवासी छात्रा सेंट मैरी स्कूल में कक्षा 9 की छात्रा है।
रक्षाबंधन पर्व पर उसने हाथों में मेहंदी लगाई थी। आरोप है कि स्कूल जाने
पर प्रिंसिपल सरिता ने सभी छात्राओं के हाथ चेक किए और मेहंदी देख नाराजगी
जताते हुए पत्थर से रगड़कर हाथ साफ कराए।
इससे छात्रा के हाथ में खरोंच आ
गई। छात्रा ने घर पहुंच परिजनों को जानकारी दी तो वे आक्रोशित हो गए। इस
दौरान छात्रा के परिजनों के साथ हिंदू संगठनों के लोग एवं एबीवीपी
कार्यकर्ता प्रिंसिपल के स्कूल कैंपस में बने घर पहुंच गए और वहां हंगामा
करने लगे।
सूचना पर आबूनगर चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और समझा बुझाकर
शांत कराया। छात्रा के पिता ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। दूसरी तरफ
प्रिंसिपल सरिता का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को
मेंहदी लगाने और राखी बांधने, हाथ में बैंड, टैटू लगाकर स्कूल आने से मना
किया गया है।
स्कूल के अनुशासन को देखते हुए उन्होंने छात्रा को हाथ साफ
करने को कहा था। किसी की धार्मिक भावना को आहत करना स्कूल मैनेजमेंट का
उद्देश्य नहीं है और न ही ऐसा किया जाता है। शहर कोतवाल आरके पांडेय का
कहना है कि स्कूल में छात्रा के साथ घटी घटना की तहरीर मिली है।
तहरीर पर
जांच शुरू की गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। भाजयुमो महामंत्री
अभिषेक गुप्ता का कहना है छात्रों के हाथों से मेहंदी छुड़वाना हिंदू धर्म
की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। इसी वजह से विरोध किया गया।