बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल के सदमे में आलू किसान ने जान दे दी। आलू से भरी ट्रैक्टर ट्राली कोल्ड स्टोर से खराब बताकर वापस कर दी गई। खेतों से घर आकर किसान कमरे में लगे छल्ले में रस्सी डाल फांसी के फंदे में झूल गया। उसकी भाभी ने देख शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी, मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे नीचे उतारा। घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम, विधायक, पूर्व सांसद सहित मृतक के घर नेताओं का जमघट लग गया।
देवमई विकास खंड के गांव आलमपुर निवासी दिनेश वर्मा (40) पुत्र स्व. राम भजन के हिस्से में नौ बीघे खेती थी। उसने पांच बीघे बटाई और पांच बीघे बलकट खेती ले रखी थी। जिसमें पंद्रह बीघे में आलू की फसल बोई थी। बेमौसम हुई बरसात में उसकी फसल बर्बाद हो गई। लागत तक न निकलने के आसार नहीं दिखे। मृतक के भाई शिव भजन, भाभी सुधा व ग्रामीणों ने बताया कि मृतक ने पंद्रह बीघे आलू लगाई थी। जिसमें चार सौ बोरी बिंदकी व एक सौ बीस बोरी जहानाबाद के कोल्ड स्टोरेज में रखवाया था। शनिवार को एक सौ पचहत्तर बोरी जहानाबाद कोल्ड स्टोरेज में आलू भेजा, जिसे खराब बताकर वहां से वापस कर दिया गया। यह सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर सका और घर के अंदर जाकर फांसी के फंदे में झूलकर अपनी जान दे दी। घटना की सूचना मिलने पर पहुंचे एसडीएम शिव प्रसाद, सीओ अनुराग दर्शन, विधायक मदन गोपाल वर्मा, पूर्व सपा सांसद राकेश सचान, भाजपा नेत्री जयंती वर्मा, जगदीश पटेल, कुश वर्मा आदि ने मृतक की पत्नी व परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को रिपोर्ट भेजकर आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।