फतेहपुर। न्यू सूर्या हॉस्पिटल में खून चढ़ाने में लापरवाही पर जच्चा की मौत हो गई जबकि बच्चे की दो दिन पहले मौत हो गई थी। घटना के बाद नाराज परिजनों ने हॉस्पिटल में हंगामा किया और हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हंगामा देख हॉस्पिटल के लोग लापता हो गए। घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कराया।
गाजीपुर थाना क्षेत्र के लौगांव निवासी मनोज कुमार की पत्नी शकुंतला देवी को प्रसव के लिए बीते शुक्रवार को जीटी रोड स्थित एक न्यू सूर्या हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। यहां पर सामान्य प्रसव कराया गर्या लेकिन बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद डॉक्टरों ने परिजनों से कहा कि खून की व्यवस्था कीजिए, जच्चा को खून चढ़ेगा। इसके लिए पति से 24 हजार रुपये खून चढ़ाने के लिए लिया। सोमवार को भोर पहर महिला को तीसरा यूनिट खून चढ़ाने के दौरान हालत बिगड़ी और शकुंतला की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और परिजन हंगामा करने लगे। पति ने बताया कि नर्सिंग होम संचालक ने इलाज के नाम पर साठ हजार रुपये और खून चढ़ाने के लिए 24 हजार रुपये लिए हैं।
मृतका की देवरानी नीलम ने बताया कि खून चढ़ाने में लापरवाही होने से मौत हुई है। वहीं, मृतका के पति और अन्य परिवारी जन हंगामा करते हुए न्यू सूर्या हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे। सूचना पर पुलिस पहुंची। कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि पीड़ित की ओर से अभी लिखित शिकायत नहीं मिली है। लिखित शिकायत मिलने पर संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। वहीं, सीएमओ डा. उमाकांत पांडेय ने बताया कि नर्सिंग होम का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। संचालक को तीन दिन के अंदर अभिलेखों के साथ स्पष्टीकरण के निर्देश दिए हैं। यदि तीन दिन में संचालक हाजिर नहीं हुए तो लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।