फतेहपुर। यमुना नदी के कटरी क्षेत्र के गांवों और मजरों को जोड़ने वाला इटरौरा-भसरौल मार्ग कई वर्षों से जर्जर है। मौरंग खदानों से गुजरने वाले भारी वाहनों के कारण सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसे देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने सात किलोमीटर मार्ग के चौड़ीकरण के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। मार्ग को करीब 18 करोड़ से चौड़ा किया जाएगा। 25 जुलाई से काम शुरू होने की उम्मीद है।
इटरौरा-भसरौल मार्ग करीब एक दशक से बदहाल है। खदानों से मौरंग लेकर निकलने वाले ट्रकों की आवाजाही से सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। यह मार्ग यमुना कटरी क्षेत्र के कई गांवों और मजरों को जोड़ता है। इसी रास्ते से लोग प्रतिदिन खागा, असोथर, विजयीपुर और फतेहपुर आते-जाते हैं।
छात्र-छात्राएं भी असोथर इंटर कॉलेज और विजयीपुर इंटर कॉलेज इसी मार्ग से पढ़ने जाते हैं। सड़क की खराब हालत के कारण आए दिन छात्र-छात्राएं गिरकर घायल हो जाते हैं। बाजार जाने वाले ग्रामीण भी शाम होने से पहले लौटने को मजबूर रहते हैं क्योंकि जर्जर सड़क के कारण शाम के बाद वाहन नहीं मिलते हैं। इससे लोगों को कई बार जरूरी काम अधूरे छोड़कर लौटना पड़ता है।
ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए शासन ने सात किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण के लिए 18 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने ई-टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। यदि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी हुईं तो 25 जुलाई से मार्ग चौड़ीकरण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अनिल कुमार शील ने बताया कि इटरौरा-भसरौल मार्ग का एस्टीमेट पहले ही शासन को भेजा जा चुका था। सात किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 18 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। ई-टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है और 25 जुलाई से निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी है।