फतेहपुर। जहानाबाद-अमौली मार्ग पर सड़क हादसे में सोमवार की रात बाइक सवार दो युवकों की जान चली गई। दोनो ने हेलमेट लगाए होता तो जान न जाती। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों के सिर में गंभीर चोट को मौत की वजह माना गया। घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मचा है। परिजनों ने आरोप लगाया कि दोनों दो घंटे तक सीएचसी अमौली में तड़पते रहे लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। मौके से भी पुलिस जीप में घायलों को सीएचसी लेकर आई थी।
कानपुर सजेती थाने के असधना निवासी रामकेश प्रजापति टेंट हाउस संचालक है। उनका बेटा दिव्यांश कुमार प्रजापति (26) भी उनका हाथ बंटाता था। चचेरे भाई मुकेश ने बताया कि अमौली गेस्ट हाउस में असधना गांव के प्रधान दुर्गा सिंह ने टेंट लगवाया था। बाइक बिगड़ी होने के कारण प्रधान का कर्मचारी दिव्यांश की बाइक लेकर गया था। घर से शाम को दिव्यांश बाइक बदलने जा रहा था। अमौली के गेस्ट हाउस में जहानाबाद थाने के चंदीपुर निवासी संतोष रैदास के बेटे टेंट कर्मी भोला (28) को भी छोड़ना था। रास्ते से दिव्यांश ने भोला को बाइक में बैठाया था। चांदपुर थाना क्षेत्र के बिरनई के पास बाइक में कोई चार पहिया वाहन टक्कर मारकर निकल गया। दोनों सड़क पर लहूलुहान पड़े थे। राहगीर की 112 नंबर में सूचना पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने सीएचसी में भर्ती कराया। घायलों के मोबाइल से परिजनों को खबर दी गई। डाक्टर ने हालत नाजुक देखकर जिला अस्पताल के लिए रेफर किया। 108 नंबर में कई बार एंबुलेंस बुलाने के लिए कॉल की गई। कॉल रिसीव होने के बाद दो घंटे तक एंबुलेंस नहीं आई। इस दौरान सीएचसी में ही दोनों का दम टूट गया। लोडर में दोनों के शव रात ढाई बजे जिला अस्पताल लाए गए। जहां मृत घोषित किए जाने की डाक्टर ने पुष्टि की।
एसओ नाहर सिंह ने बताया कि हेलमेट न होने से दोनों के सिर में गंभीर चोट लगी थी। सिर की चोट से ही दोनों की जान गई है। किसी चार पहिया या उससे बड़े वाहन की टक्कर से हादसा हुआ होगा। घटनास्थल में जंगल है। आसपास कोई दुकान, घर नहीं है। इसी वजह से वाहन के बारे में कोई सुराग नहीं लग सका है।
दिव्यांश का भाई असोथर ब्लाक में शिक्षक
दिव्यांश प्रजापति तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसका बड़ा भाई अंकित प्रजापति असोथर ब्लाक के कौड़र स्कूल में शिक्षक के पद पर एक साल पहले तैनात हुआ है। छोटा भाई अनिरुद्ध है। वह पढ़ाई करता है। घटना से भाइयों और मां रानी देवी का हाल बेहाल हो गया। इधर, जहानाबाद के चंदीपुर गांव के भोला रैदास परिवार का सबसे बड़ा बेटा था। उससे छोटे तीन भाई सोनू, सत्यम, रितिक हैं। एक बहन पिंकी ओर मां उमाकांती है। उसकी कमाई से परिवार का भरण पोषण का सहारा था। दोनों परिवारों में मंगलवार को भी मातम छाया रहा।