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‘सरकार’ के हाथों शील्ड पाकर बच्चे गदगद

Thu, 17 Sep 2015 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
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पाल सामुदायिक उत्थान समिति ने समाज के दो सौ मेधावी बच्चों को सम्मानित किया। पाल समाज के महापुरुष पेरियर ईवी रामासामी नापकर की जयंती पर गुरुवार को वीआपी रोड के पीछे नवनिर्मित पाल भवन के लोकार्पण पर आयोजित मेधा अलंकरण समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल ने बच्चों को शील्ड एवं प्रशस्ति पत्र देकर उत्साह वर्धन किया।
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प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विजय  बहादुर पाल ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद स्कूली छात्राओं ने इन स्वरों में एक स्वर मेरा मिला दो। सरस्वती वंदना प्रस्तुत करने के बाद स्वागत गीत प्रस्तुत किया। बाद में बच्चों ने राधा-कृष्ण नृत्यनाटिका  प्रस्तुत की। इसके बाद सांसद निधि से निर्मित पाल भवन का पूर्व सांसद राकेश सचान और माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री ने लोकार्पण किया। अतिथियों के मंच में दोबारा पहुंचने पर लंच पैकेट को लेकर मची मारामारी से माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री का पारा चढ़ गया और उन्होंने माइक संभाल लिया और समाज के लोगों को जमकर फटकार लगाई। इसके बाद मेधावी छात्र-छात्राओं व पाल समाज के वयोवृद्ध लोगों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यमंत्री कहा कि शिक्षा के बिना समाज का विकास संभव नहीं है। पूर्व सांसद राकेश सचान ने कहा कि पाल समाज के पास कोई निजी कार्यक्रम करने के लिए स्थान नहीं था। ऐसी हालत में उन्होंने अपनी सांसद निधि से छोटा भवन बनवाने के लिए मदद की थी। अगर दोबारा मौका मिला, तो इस भवन को वृहद रूप देने पर विचार किया जाएगा। इस मौके पर ब्रम्हप्रकाश पाल, राजेश पाल, विजयपाल अधिवक्ता लखनऊ हाईकोर्ट, राजेश पाल, सियाराम पाल, रामकृपाल कानपुर, रामसजीवन पाल उन्नाव, नीलिमा पाल, संजय पाल, नंदकिशोर पाल, डा. अमित पाल, रामबाबू पाल, कंधई पाल, अखिलेश, मनीष, बच्छराज पाल, रामराज गांधी, रामसागर पाल, शिवदर्शन पाल, रामसिंह आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।


कानून व्यवस्था कंट्रोल न कर पाना
प्रशासन की नाकामयाबी-राज्यमंत्री
प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल ने कहा कि कानून व्यवस्था पर कंट्रोल न कर पाना प्रशासन की सबसे बड़ी नाकामयाबी है। ऐसे अधिकारियों पर किसी भी जिले की जिम्मेदारी छोड़ना सरकार की बड़ी भूल है। जिले में आंदोलित शिक्षामित्रों पर लाठियां चलवाकर डीएम, एसपी, सीडीओ ने अपनी असफलता का प्रमाण दिया है। इसी लिए तीनों अधिकारियों को हटा दिया गया है। हटाए गए अधिकारियों के पक्ष में धरना प्रदर्शन करना विपक्षी दलों की साजिश का परिणाम है। लोकार्पण कार्यक्रम के बाद अमर उजाला से बातचीत में कहा कि सरकार का ध्यान शैक्षिक गुणवत्ता के सुधार में केंद्रित है। इसके तहत पाठ्यक्रम विभाजन की व्यवस्था लागू की गई है। आनलाइन पंजीयन व्यवस्था लागू करके फर्जी पंजीयन पर रोक लगाई गई है। सरकार विज्ञान और टेक्नालाजी पर जोर दे रही है। पिछली सरकारों ने माध्यमिक शिक्षा विभाग को फर्जी पंजीयन के साथ मनमानी तरीके से स्कूलों को मान्यता प्रदान करके काजल की कोठरी बना दिया था, जिसकी बहुत कुछ सफाई करने में सरकार सफल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों के साथ है। इसके लिए जल्द ही विधिक राय लेने के बाद सुप्रीमकोर्ट रिट दाखिल की जाएगी।
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