पहली बारिश ने नगर पालिका परिषद के सफाई अभियान की पोल खोलकर रख दी। नाले-नांलियों की सफाई न होने पर मेन बाजार सहित सड़कों में बरसाती पानी से सड़क व गली लबालब हो गईं। बरसाती पानी के साथ नालों व नालियों का गंदा पानी दुकानों और कार्यालयों में जा घुसा। पानी निकालने के लिए दुकानदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश के पहले दिन ही जनजीवन अस्तव्यस्त रहा तो आगे क्या होगा, इससे नगरवासी चिंतित दिखे।
नगर में मंगलवार रात दो बजे से शुरू हुई बारिश बुधवार को दिन में चार बजे तक लगातार जारी रही। सुबह से ही नगर की मेन बाजार, जूता वाली गली, फाटक बाजार, खजुहा चौराहा, महाजनी गली, नजाही बाजार, मुगल रोड, कोतवाली के सामने, अंबेडकर चौराहा, गांधी चौराहा, रोडवेज बस स्टैंड रोड की सड़कें नाले, नालियां चौक होने व पुलिया टूटी होने के कारण लबालब भर गई।
मुगल रोड निवासी नीरजा शुक्ला, ब्रजेंद्र शुक्ला ने बताया कि कोतवाली के सामने की पुलिया एक वर्ष से टूटी होने के कारण बिना बरसात के यहां पानी भरा रहता है। चेयरमैन नीलम सोनी की अनदेखी चलते कोतवाली, खादी भंडार सहित दर्जनों दुकानों में बरसाती पानी के साथ नाले का गंदा पानी घुस गया है। गांधी चौराहे के रामकिशन गुप्ता, सभासद रामजी गुप्ता ने बताया कि चौराहे से रोडवेज बस स्टैंड तक नाले का स्टीमेट बनवाने के बाद प्रस्ताव एक वर्ष पहले पास हो चुका था, लेकिन चेयरमैन ने निर्माण कार्य नहीं कराया।
चेयरमैन की अड़ंगेबाजी से पैदा हुई समस्या- सभासद- बिंदकी। सभासद कामता यादव, सुनील पाल, रामऔतार उर्फ रामू पटेल, हरिशंकर गुप्ता, कमलेश ओमर ने आरोप लगाया कि नगरवासियों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यह सब चेयरमैन की अड़ंगेबाजी के चलते हुआ है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार- नगर पालिका परिषद के प्रशासक एवं एसडीएम जेएन सचान व अधिशासी अधिकारी अनीता शुक्ला ने बताया चेयरमैन के वित्तीय पावर सीज होने के बाद उनके खेमे के सभासदों ने अप्रैल के पहले सप्ताह से लेकर बुलाई गई चार बैठकों में आकर सहयोग नहीं किया, जिससे कोरम पूरा नहीं हुआ और बजट विलंब से 17 जून को पास हो सका। कहा कि जलभराव की समस्या का समाधान कराने के लिए अब टीमें काम कर रही हैं।