धुन्नू पासवान (65) ललौली थाना क्षेत्र के दतौली गांव निवासी थे। उसके पास पट्टे की आठ बीघा जमीन थी। बटाई के खेत लेकर भी किसानी करते थे। वह रात करीब दो बजे घर से निकले थे। सुबह तक वापस नहीं आए, तो पारिजनों ने खोजबीन शुरू की। गांव से सटे खेत में बबूल के पेड़ पर अंगौछे से फांसी के फंदे पर लटके मिले।
सांसे थमी देख परिजनोें में कोहराम मच गया। सूचना पर चौकी इंचार्ज मलखान सिंह पहुंचे। पुलिस ने शव नीचे उतारा। पत्नी बुधनिया ने बताया कि बेटी की शादी में एक साल पहले 50 हजार रुपये कर्ज किसी से लिया था। पिछले तीन सालों से फसल बर्बाद हो रही है। इसी वजह से कर्ज की रकम चुका नहीं पाए थे।
साहूकार पांच प्रतिशत की दर से रकम का ब्याज मांग रहा था। वे खेत बेंच डालने की बात तीन दिन से कह रहे थे। कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या कर ली है। पति ने किससे कर्ज ले रखा था यह उसे भी मालूम नहीं है। एसओ विपिन कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों की मांग पर शव पंचायतनामा के बाद अंतिम संस्कार के लिए सुपुर्द कर दिया गया है।
किसान दुर्घटना बीमा योजना का मिलेगा लाभ
फतेहपुर। उप जिलाधिकारी सदर अभिनव रंजन का कहना है कि कर्ज में डूबे किसान की आत्महत्या की घटना की उन्हें जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है और किसान के नाम जमीन है, तो पांच लाख रुपये किसान दुर्घटना बीमा योजना से मिलेगा और मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक मदद के लिए लिखा जाएगा। अगर साहूकार का नाम पता चलता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी प्रावधान है।