बोर्ड परीक्षा के दूसरे ही दिन बड़ी चूक हो गई। संगीत-वादन की एक परीक्षार्थी अपने तय समय से केंद्र पर पहुंच गईं लेकिन वहां ताला लटक रहा था। बगल के दुकानदार से नंबर लेकर उसने प्रिंसिपल को फोन किया तब करीब एक घंटे बाद ताला खुल सका। पूरे केंद्र में वह अकेली परीक्षार्थी थी। उसे बाद में अतिरिक्त समय देकर परीक्षा पूरी कराई गई।
यह वाकया है बोर्ड परीक्षा की पहली पाली का। डीआईओएस नंदलाल यादव ने बताया कि शहर के नागा निरंकारी इंटर कालेज ज्वालागंज में इस लड़की का नाम संख्या सूचक चक्र में दर्ज नहीं था। यह संभवत: लिपिक की गलती से हो गया था। केंद्र व्यवस्थापक मीना यादव ने अतिरिक्त समय देकर छात्रा की परीक्षा कराई।
इसकी जांच कराई जाएगी कि गलती कहां से हुई। इधर, बोर्ड परीक्षा के दूसरे दिन पहली पाली में इंटरमीडिएट की गृह विज्ञान और हाईस्कूल की संगीत वादन विषय की 38 केंद्रों पर परीक्षा थी। इसमें 2449 परीक्षार्थियों को शामिल होना था, 226 परीक्षार्थी गैरहाजिर थे। दूसरी पाली में पॉली, फारसी और अरबी विषय की परीक्षा हुई। कुल छह परीक्षा केंद्रों में कुल 84 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। एक परीक्षार्थी गैरहाजिर रहा। सर्वाधिक जनक दुलारी रामबहादुर पटेल इंटर कालेज औंग में 64 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। इसके अलावा पांच अन्य परीक्षा केंद्रों में कुछ कुछ परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।