मलवां ब्लाक के रानीपुर गांव में निरीक्षण करते सीएमओ डा.विनय कुमार पांडेय।
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मलवां विकास खंड के रानीपुर गांव में ठंड के मौसम में डेंगू का कहर दिख रहा है। दो मरीजों में डेंगू की आशंका जताई जा रही है। हालांकि हालत गंभीर होने पर उन्हें कानपुर के लिए रेफर कर दिया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गुरुवार को सीएमओ ने गांव पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया।
छह दिसंबर को अमर उजाला ने रानीपुर गांव में डेंगू से दो लोगों की मौत की खबर छापी थी। इसके बाद से बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार प्रकाशित किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बिंदकी तहसील दिवस में जिलाधिकारी से शिकायत की थी। गुरुवार को सीएमओ टीम के साथ पहुंचे और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। ग्रामीणों ने बताया कि आशा बहू आशा सिंह ने गांव में फैली बुखार की बीमारी के बारे में गोपालगंज स्वास्थ्य केंद्र को बताया था जिस पर टीम आई और खानापूरी करके चली गई। यहां बीमारी थमने का नाम नहीं ले रही है। गांव में पुतानी (22) पुत्र राजाराम और सलोनी (12) पुत्री विजय शंकर कई दिनों से बुखार की चपेट में हैं। इनकी प्लेटलेट्स भी कम हो रही है।
चिकित्सकों ने डेंगू की आशंका होने पर दोनों को कानपुर रेफर कर दिया है। सीएमओ विनय कुमार पांडेय ने फागिंग कराने और डीडीटी का छिड़काव के निर्देश दिए। इस मौके पर 34 स्लाइडें बनाई गई और 37 मरीजों को दवा दी गई। टीम में डा आफाक, डा. कमर जहां, शांती स्वरूप, प्रमोद कुमार, पीएचसी गोपालगंज से डा.जयंत, राजेंद्र, बाबूराम शुक्ल, विपिन रहे। ग्रामीणों ने नवीन स्वास्थ्य केंद्र औंग में डाक्टर न आने की शिकायत की। कहा कि फार्मेसिस्ट दवा न होने की बात कहकर मरीजों को टरका देते हैं।