बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को बुखार से एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसके भाई को नाजुक हालत में हैलट अस्पताल, कानपुर में भर्ती कराया गया। जानकारी के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दवाएं वितरित कर 20 स्लाइडें तैयार कीं। उधर, बहन के घर इलाज कराने आए बुखार से पीिड़त युवक की झाड़फूंक के चक्कर में मौत हो गई।
कस्बे के बाजार निवासी कल्लन के बेटे इमरान (23) को चार दिन से बुखार आ रहा था। जिसका सीएचसी का इलाज चल रहा था। मंगलवार की सुबह अचानक इमरान की हालत बिगड़ी तो परिजन उसे इलाज के लिए सीएचसी ले गए लेकिन उसकी जान नहीं बचा सके। बता दें कि जबकि कल्लन के ही छोटे बेटे रेहान को सात दिन पहले बुखार के चलते हैलट में भर्ती कराया गया था।
जहां उसकी हालत नाजुक बनी है। रेहान की छोटी बहन मुस्कान भी बुखार से ग्रसित है। बुखार से मौत की जानकारी पर भिटौरा पीएचसी के एमओआईसी के नेतृत्व में टीम बाजार पहुंची और मुस्कान, सना, हिना और रूही समेत कई मरीजों की जांच कर दवाएं बांटीं। टीम ने 20 स्लाइडें बनाईं हैं।
उधर, बांदा के पैलानी क्षेत्र स्थित गड़ौरा गांव निवासी बुखार पीड़ित सनारसी (40) अपनी बहन रामवती के घर सैरपुर गांव में इलाज के लिए आया था। इलाज कराने के बजाय बहन बकेवर क्षेत्र के रूसी गांव में पास झाड़फूंक कराने ले गई। लौटते वक्त सनारसी तबीयत बिगड़ने पर बाइक से नीचे गिर पड़ा। मुंह से झाग निकलता देख कर सीएचसी ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।