सड़क पर जाम लगाए ग्रामीण व परिजन।
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पिटाई से घायल मजदूर की आठवें दिन रविवार की भोर मौत हो गई। नाराज ग्रामीणों ने आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए थाने के सामने शव रख कर जाम लगा दिया। करीब तीन घंटे तक खखरेरू-कोट मार्ग पर यातायात बंद रहा। पुलिस से भी नोकझोंक हुई। बाद में सीओ व तहसीलदार के कार्रवाई करने के आश्वासन पर पुलिस शव को कब्जे में लेकर यातायात सामान्य करा सकी। आरोपी के खिलाफ गैरइरादतन हत्या व हरिजन एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
खखरेरू थाना क्षेत्र में बरहटा गांव के चकिया निवासी छोटेलाल का बेटा विनोद कुमार (20) गुड़ भट्ठी में मजदूरी करता था। बड़े भाई प्रमोद कुमार ने बताया कि घर के पास भट्ठी लगी है। जिसका संचालन पहले राजेंद्र पटेल उर्फ बबलू पटेल करता था। उसने कुछ दिनों पहले भट्ठी बेच दी। नई भट्ठी पड़ोस के गांव में लगाई है। छोटे भाई के पास राजेंद्र 26 जनवरी की शाम पहुंचा था। राजेंद्र ने चार सौ रुपये में भट्ठी पर काम करने के लिए कहा। छोटे भाई को अब तक भट्ठी मालिक पांच सौ रुपये देता था। छोटे भाई ने राजेंद्र को मना कर दिया। तभी राजेंद्र ने डंडा उठाकर पीछे से छोटे भाई के सिर में कई बार प्रहार कर दिया। विनोद लहूलुहान होकर बेहोश हो गया। जिला अस्पताल में तीन चार दिन तक इलाज कराने के बाद भी हालत में सुधार न होने पर डाक्टरों ने कानपुर रेफर किया था। कानपुर में डाक्टरों ने शनिवार की रात जवाब दे दिया। उसे घर लेकर आने लगे तभी सुबह करीब पांच बजे मौत हो गई।
परिजन व ग्रामीण करीब दस बजे शव लेकर खखरेरू थाने पहुंचे और रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। थानेदार राकेश कुमार सिंह ने समझाने का प्रयास किया। पुलिस से नोकझोंक भी होने लगी। इलाकाई नेता ओम प्रकाश गिहार, उजैर, कासिम दरोगा समेत सैकड़ों ग्रामीण नारेबाजी करने लगे। धाता, किशनपुर थानों का फोर्स भी मदद के लिए पहुंचा। ग्रामीणों ने मुआवजे व आरोपी की गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी। सीओ अभिषेक कुुमार राहुल व तहसीलदार रामस्वरूप पहुंचे। ग्रामीणों को मुआवजे व आरोपी को जल्द गिरफ्तार किए जाने का आश्वासन दिया। दोपहर करीब सवा एक बजे परिजनों को शांत किया जा सका। थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी राजेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उसकी तलाश की जा रही है।