फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीड़ित परिवारों को दस-दस हजार की चेक बांटे

Sun, 05 Jun 2016 12:41 AM IST
अमर उजाला, फतेहपुर
विज्ञापन
पूर्व सांसद राकेश सचान चेक देते हुए। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
मलाका गांव में हुए अगिभनकांड में तबाह 35 परिवारों का शनिवार को भी जनजीवन अस्त व्यस्त है। अभी उनके रहने और खाने के मुफीद इंतजाम नहीं हो सके  हैं। हालांकि प्रशासन ने शनिवार शाम दस-दस हजार रुपये के राहत चेक बांटकर मरहम लगाने का काम किया है।
विज्ञापन



अगिभनकांड के बाद लाई चने में रात गुजारने वाले प्रभावित 250 ग्रामीणों में बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे, युवक सभी शामिल हैं। अगिभनकांड में सब कुछ गंवाने वालों के पास रुपये भी नहीं है, जिससे वे कुछ बाजार से खरीदकर खा-पी सकें। शनिवार दोपहर प्रधान राम सिंह ने कोटेदार से अनाज का इंतजाम कराया। प्राथमिक विद्यालय में पूड़िया और सब्जी पकवाई गई। शनिवार दोपहर को भूखे से बिलख रहे बच्चों को खाने की थालियां परोसी गई। इसके बाद महिलाओं और बुजुर्गों के खाने का इंतजाम हुआ।


मलाका गांव में ग्रामीणों की अधजली गृहस्थी सड़कों पर कू ड़े की तरह पड़ी है। एसडीएम विवेक श्रीवास्तव, राजस्व अधिकारी शाम को मलाका पहुंचे। वहां पर सभी पीड़ित परिवारों को दस-दस हजार की चेक बांटी। समाजसेवी संस्कार टीम के सदस्य भी ग्रामीणों का हाल जानने पहुंचे। अध्यक्ष किशन मेहरोत्रा ने बताया कि पीड़ितों की हर संभव मदद होगी। सपा के पूर्व सांसद राकेश सचान, नगर पालिका चेयरमैन चंद्र प्रकाश लोधी, बसपा नेता समीर त्रिवेदी ने अपने समर्थकाें के साथ पहुंचकर अगिभनकांड पीड़ितों को खाद्यान्न सामग्री बांटा।
विज्ञापन


 
तन ढकने को कपड़े नहीं नसीब- ग्रामीण महिलाओं ने शुक्रवार के  पहने कपड़ों से दूसरा दिन भी गुजारा। देर दोपहर कुछ के रिश्तेदारों ने कपड़े मुहैया कराए। वहीं पूरे गांव में बुजुर्ग, युवक, बच्चे बगैर कपड़ों के दिखाई पड़े।    


शादी के सामान की होगी क्षतिपूर्ति-  शादी वाले घरों के जले सामान की क्षतिपूर्ति के लिए एसडीएम ने आश्वासन दिया है। उन लोगों को सोमवार तक प्रशासन की ओर से मदद मिलेगी। शादी समारोह संपन्न कराने के लिए आननफानन में इन्हें योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।

पॉलिथीन और अनाज आज बंटेगा- अग्निकांड पीड़ितों को रविवार तक पॉलिथीन और अनाज का इंतजाम कराने का प्रशासन ने दावा किया है। पॉलिथीन से ग्रामीण झोपड़ी बनाकर रहने का इंतजाम करेंगे। वहीं कुछ दिनों के भरण पोषण के लिए राशन वितरण किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें