नवरात्र के दूसरे दिन दो तिथियों के समागम से रविवार
को दुर्गा के द्वितीय स्वरूप ब्रह्मचारिणी और तृतीय स्वरूप चंद्र घंटा माता
की पूजा अर्चना की गई। माता के भक्तों ने सुबह से ही उपासना करके घरों में
कन्या भोज कराकर दक्षिणा देकर विदाई दी।
नगर के माता मंदिरों में
जयकारों की गूंज रहीं। घंटे घड़ियाल बजते रहे। मंदिरों में महिला भक्तों की
अधिक भीड़ लगी रही। नौबस्ता रोड दुर्गा मंदिर, गदाई मोहल्ले के दुर्गा
मंदिर में महिलाएं पूजा अर्चना करती रही। माता के दूसरे स्वरूप की पूजा से
घरों में शांति आती है।
इसी प्रकार धाता के रामलीला मैदान स्थित
माता के मंदिर में महिलाएं हाथों में पूजन सामग्री की थाली लेकर विधिपूर्वक
माता के दूसरे और तीसरे स्वरूपों की पूजा की। पंडित नानिक चंद्र त्रिपाठी
ने बताया कि रविवार को द्वितीया और तृतीया तिथि एक साथ है।