थाने में पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
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धाता। क्रेन व ट्रक लेकर चोरी करने निकलने वाले एक गैंग का खुलासा हुआ है। यह ज्यादातर बिजली विभाग को ही चूना लगाते हैं। पावर ग्रिड लाइन बिछाने के लिए आया लाखों रुपये का तार चुराने के एक आरोपी को धाता पुलिस ने दबोचा तो पूरे मामले का मामला खुला। पकड़ा गया आरोपी गैंगस्टर में वांछित था और उस पर 15 हजार रुपये का ईनाम भी घोषित था। पुलिस ने पूछताछ के बाद जेल भेज दिया।
धाता थाना क्षेत्र में डेढ़ साल पहले पावरग्रिड लाइन का लाखों रुपये कीमत का तार चोरी हुआ था। पुलिस इसकी पड़ताल कर रही थी इसी बीच गाजीपुर के मनीपुर गांव व बिंदकी में भी एल्युमिनियम तार चोरी हुए। पुलिस ने घटना में कई संदिग्ध लोगों को पकड़ा और आरोपी बनाकर जेल भेजा। वह सारे आरोपी जमानत पर छूट गए। धाता थाने के भावनापुर गांव निवासी छेदीलाल उर्फ गजराज और इसी गांव के मास्टरमाइंड नरेंद्र कुमार को फरार बताया गया था। पुलिस ने आरोपी छेदीलाल उर्फ गजराज को अब गिरफ्तार किया है। एसओ राजेश कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी के पास से तमंचा भी बरामद हुआ है। मास्टरमाइंड नरेंद्र कुमार है। गैंग पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। आरोपी के 16 माह से वांछित होने पर पुलिस अधीक्षक श्रीपर्णा गांगुली की ओर से 15 हजार का ईनाम घोषित किया गया था। एसओ ने बताया कि आरोपियों ने 31 मई 2017 को गाजीपुर के मनीपुर में तीस टन तार चोरी किया था। 2015 में इलाहाबाद के मऊआइमा में तार चोरी की थी। आरोपी क्रेन और ट्रकों के साथ घटनाएं करने पहुंचते थे। प्लांट के चौकीदार को बंधक बनाकर घटनाओं को अंजाम देते थे। आरोपी छेदीलाल ने असोथर थाने के नेता नामक शख्स को कबूला है। उसकी तलाश की जा रही है। विवेचना में नाम प्रकाश में लाया जाएगा।