शिक्षामित्रों व पुलिस के बीच हुए संघर्ष ने सनसनी फैला दी। पत्थरबाजी के साथ पुलिस के लाठी भांजने और आंसू गैस के गोले छोड़ने से हड़कंप मच गया। इलाकाई लोग घरों के अंदर जा दुबके। राहगीर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। नहर विभाग व नलकूप विभाग के कर्मचारी व अधिकारी अपने अपने दफ्तरों में कैद हो गए।
दोपहर दो बजे से पौने तीन बजे तक पटेलनगर चौराहे से सादीपुर चौराहे के बीच पुलिस व शिक्षामित्रों के बीच हुए संघर्ष से भगदड़ मची रही। ट्रेन रोकने जा रहे शिक्षामित्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया तो शिक्षामित्रों ने पथराव कर दिया। इससे रोड पर भगदड़ मच गई।
राहगीर जान बचाने के लिए इधर-उधर दुबक गए। नहर कालोनी के सामने रहने वाले लोग घरों में कैद हो गए। परिवार के जो लोग बाहर थे, उन्हें मोबाइल करके हाल चाल लिया। पथराव के बीच आंसू गैस के गोले दगने की आवाजें सुन लोगों में दहशत भर गई। नहर विभाग व नलकूप विभाग के कर्मचारी व अधिकारियों में भी खलबली मची रही।
भीड़ के आगे बौना नजर आया प्रशासन - फतेहपुर। करीब पौने घंटे तक पुलिस व शिक्षामित्रों के बीच चले संघर्ष के दौरान प्रशासन पंगु नजर आया। नहर कालोनी के बाहर उग्र हुए शिक्षामित्रों पर काबू पाने के लिए पुलिस व पीएसी के जवानों को जूझना पड़ गया।
हालात यह रहे कि एक तरफ स्थिति कंट्रोल में होती तो दूसरी तरफ से पथराव शुरू हो जाता। महिला शिक्षामित्रों के सामने आने पर पुलिस बैकफुट पर नजर आई। आक्रोशित शिक्षामित्रों को समझाने आई डीएसपी सर्किल वंदना सिंह को भी महिला शिक्षामित्रों का विरोध झेलना पड़ गया।
बच्चों को लेकर आईं - फतेहपुर। तमाम शिक्षामित्र अपने बच्चों को लेकर आंदोलन में शामिल हुईं। कुछेक महिला शिक्षामित्र सहयोग के लिए पति अथवा देवरों को साथ लाई थीं। यह परिवारी भी विरोध को हवा देने का काम कर रहे थे।
पेड़ की डाल को बनाया हथियार - फतेहपुर। पुलिस के रोकने पर शिक्षामित्रों ने नहर कालोनी के अंदर खड़े पेड़ों की डालें तोड़ लीं और उन्हीं को हथियार बनाया। पेड़ की डालें लेकर पुलिसकर्मियों को ललकारते रहे। ये डंडे महिलाओं के हाथों में भी लहराते नजर आए।
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